
🔄 ऑटो म्यूटेशन सेवा
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अब जमीन का पंजीकरण होते ही जमाबंदी (Jamabandi) में म्यूटेशन ऑटोमैटिक दर्ज हो जाएगा।
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जमीन की रजिस्ट्री के साथ ही, ई‑धरती पोर्टल से दस्तावेज तैयार हो जाएंगे, जिन्हें रेवेन्यू बोर्ड के सर्वर द्वारा प्रमाणित कर स्वीकृत कर दिया जाएगा, और वह सीधे जमाबंदी में अपडेट हो जाएगा इससे जमीन के मालिक और किसान तहसीलदार या पटवारी के चक्कर काटने से बचेंगे bhaskar.com।
📜 ई‑पट्टा के साथ ‘कुंडली’
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JDA ने ई‑पट्टा सेवा भी शुरू की है। इसके तहत भूखंड धारकों को ई‑पट्टा के साथ उनकी संपत्ति की ‘कुंडली’ यानी संपूर्ण ब्यौरा (खरीद–बिक्री, मालिकाना हक, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री आदि) मिलेगा ।
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यह व्यवस्था जैसे–खरीद–बिक्री, नाम‑हस्तांतरण, पट्टा जारी करने की पूरी जानकारी ऑनलाइन प्रदान करेगी और धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगी ।
🔗 सिस्टम एकीकरण
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JDA आयुक्त आनंदी ने बताया कि ई‑धरती पोर्टल, ई‑पंजीयन पोर्टल और JDA की 90‑A API को जोड़कर ऑटो म्यूटेशन को समयबद्ध तरीके से कराने का कार्य चल रहा है यह प्रक्रिया अप्रैल अंत तक पूरी होनी थी ।
✅ फायदे
| सुविधा | लाभ |
|---|---|
| ऑटो म्यूटेशन | तुरन्त जमाबंदी अपडेट, बिना चक्कर के |
| ई‑पट्टा + कुंडली | संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड आपको मिले |
| नाम‑हस्तांतरण | रजिस्ट्री होते ही स्वचालित पंजीकरण |
| पारदर्शिता & सुरक्षा | फर्जी दस्तावेज़ों से छुटकारा |
JDA की यह पहल इन सुविधाओं को डिजिटल, ऑपज़ पर्प्य, और सुरक्षित बनाती है। आम नागरिक को अब पट्टा, म्यूटेशन या नाम‑हस्तांतरण के लिए चक्कर काटने की जरूरत नहीं — सबकुछ एक क्लिक पर उपलब्ध है।
👉 निष्कर्ष: JDA की यह नई ऑनलाइन पहल न सिर्फ समय की बचत करती है, बल्कि भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को रोकने में भी मददगार सिद्ध होगी। यदि आप जानना चाहें कि आपकी प्लॉट की जानकारी या नाम‑हस्तांतरण के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होगी, तो कृपया बताएं — मैं मार्गदर्शन करके मदद कर सकता हूँ!
