ऑनलाइन फूड और क्विक कॉमर्स डिलीवरी हो सकती है महंगी
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर, कंपनियां बढ़ा सकती हैं डिलीवरी चार्ज
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर पर भी दिखाई देने लगा है। बढ़ती ईंधन लागत के कारण कंपनियां डिलीवरी चार्ज बढ़ाने की तैयारी में हैं।
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ईंधन महंगा होने से डिलीवरी ऑपरेशन की लागत तेजी से बढ़ी है। इसका सीधा असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ रहा है और कई प्लेटफॉर्म्स का मार्जिन 10 से 12 प्रतिशत तक घट गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ग्राहकों को फूड डिलीवरी, ग्रॉसरी और इंस्टेंट डिलीवरी सेवाओं के लिए पहले से ज्यादा शुल्क देना पड़ सकता है। कंपनियां अपने बढ़ते खर्च को संतुलित करने के लिए सर्विस फीस और डिलीवरी फीस में बदलाव कर सकती हैं।
क्विक कॉमर्स कंपनियां 10 से 20 मिनट में सामान पहुंचाने की सुविधा देती हैं, जिसके लिए बड़े स्तर पर डिलीवरी नेटवर्क और लगातार फ्यूल खर्च की जरूरत होती है। ऐसे में ईंधन कीमतों में हर बढ़ोतरी सीधे ऑपरेशन कॉस्ट पर असर डाल रही है।
हालांकि कुछ कंपनियां फिलहाल ग्राहकों पर पूरा बोझ डालने से बच रही हैं, लेकिन अगर ईंधन कीमतों में राहत नहीं मिली तो आने वाले समय में ऑनलाइन ऑर्डर करना महंगा पड़ सकता है।

