इस्लामाबाद – भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रभाव सिर्फ सीमापार सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और जेलों तक भी देखा जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, जो इस समय भ्रष्टाचार के मामलों में अदियाला जेल में बंद हैं, अब अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जता रहे हैं।
इमरान खान की रिहाई के लिए कोर्ट में याचिका
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी की ओर से शुक्रवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई। पार्टी के वरिष्ठ नेता और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने अदालत से मांग की है कि वर्तमान हालातों को देखते हुए इमरान खान को पैरोल या प्रोबेशन पर रिहा किया जाए।
याचिका में दावा किया गया है कि अदियाला जेल में इमरान खान पर ड्रोन हमले की संभावना है, और मौजूदा भारत-पाक तनाव की स्थिति को देखते हुए, राष्ट्रीय एकता के लिए भी यह कदम आवश्यक है। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई की तारीख फिलहाल तय नहीं की है।
PTI का दावा – खतरे में है पूर्व प्रधानमंत्री की जान
PTI द्वारा पार्टी नेताओं और समर्थकों को भेजे गए एक संदेश में कहा गया है कि इमरान खान की जान को गंभीर खतरा है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी सैन्य कार्रवाई के चलते जेल की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में है। पार्टी की आशंका है कि कोई असामाजिक तत्व ड्रोन का उपयोग कर जेल में हमला कर सकता है।
भारत की कार्रवाई – आतंकियों को ठिकाने लगाने की मुहिम
भारत ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद निर्णायक कदम उठाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत नियंत्रण रेखा पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में PoK और पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकवादी कैंप ध्वस्त किए गए हैं। यह ऑपरेशन भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किया गया एक जवाबी कदम है, जिससे पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य स्थिति में हड़कंप मचा हुआ है।

