नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम अपने आधिकारिक निवास पर एक अहम बैठक की मेजबानी करेंगे। इस दौरान वह उन सांसदों से मुलाकात करेंगे जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज बने थे। इस अवसर पर पीएम मोदी डेलिगेशन से जुड़े अनुभवों को सुनेंगे और सभी सांसदों के लिए रात्रिभोज भी आयोजित किया गया है।
भारत का संदेश लेकर विदेश पहुंचे थे सांसद
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत गठित इस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य था—आतंकवाद के मसले पर भारत का सख्त रुख दुनिया के सामने रखना और पाकिस्तान को बेनकाब करना। इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसदों को चुनिंदा देशों में भेजा गया था, जहां उन्होंने वैश्विक नेताओं और मंचों पर भारत की स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
कौन-कौन थे प्रतिनिधिमंडल में शामिल?
इस मिशन में सात सांसदों ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया:
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शशि थरूर (कांग्रेस)
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रविशंकर प्रसाद (बीजेपी)
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संजय कुमार झा (जेडीयू)
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बैजयंत पांडा (बीजेपी)
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कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके)
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सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी)
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श्रीकांत शिंदे (शिंदे गुट, शिवसेना)
जवाबी कार्रवाई का प्रभाव
इस बैठक की पृष्ठभूमि में अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमला है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की, जिसमें पाकिस्तान और पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर लक्षित हमले किए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभियान में 9 आतंकी अड्डों को तबाह किया गया और 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए।
संसद सत्र से पहले अहम मुलाकात
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मानसून सत्र जल्द शुरू होने वाला है। कई विपक्षी दल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर विशेष संसद सत्र की मांग भी कर चुके हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की यह मुलाकात आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

