Site icon CHANNEL009

“ऑपरेशन सिंदूर ने दिया दुनिया को साफ संदेश, आतंक पर भारत के रुख का समर्थन करता है जर्मनी”: सांसद गेरोल्ड ओट्टेन

garmany

बर्लिन/नई दिल्ली: जर्मनी की संसद बुंडेस्टाग के वरिष्ठ सांसद गेरोल्ड ओट्टेन ने भारत के हालिया आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना करते हुए इसे “एक निर्णायक और अत्यंत सफल कार्रवाई” बताया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से निपटने में भारत की भूमिका न केवल निर्णायक है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में प्रेरणादायक भी है।

“भारत के ऑपरेशन ने दिया स्पष्ट संदेश”

ओट्टेन ने अपने बयान में कहा, “ऑपरेशन सिंदूर यह दर्शाता है कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आतंकवाद के प्रति भारत के स्पष्ट दृष्टिकोण का प्रतीक था।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे अभियानों से यह संदेश जाता है कि आतंक फैलाने वालों को अब किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी।

आतंक के संरक्षकों पर भी हो कार्रवाई: जर्मन सांसद

गेरोल्ड ओट्टेन ने ज़ोर दिया कि केवल आतंकवादी गुटों पर हमले करना काफी नहीं है, बल्कि उन राष्ट्रों, संस्थाओं और नेटवर्कों पर भी वैश्विक दबाव बनाया जाना चाहिए जो इन गुटों को समर्थन, शरण या संसाधन उपलब्ध कराते हैं।
“यह पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है कि आतंक के परोक्ष समर्थकों को बेनकाब कर अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में लाया जाए,” उन्होंने कहा।

भारत-जर्मनी साझेदारी: साझा उद्देश्य, साझा रणनीति

ओट्टेन ने भारत और जर्मनी के बीच मजबूत आतंकवाद-रोधी सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इंटेलिजेंस शेयरिंग (सूचना साझा करने) की एक सुदृढ़ प्रणाली मौजूद है, जिससे समय रहते आतंकी खतरे की पहचान की जा सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि जर्मनी की GSG 9 नामक विशेष आतंकवाद-रोधी इकाई वैश्विक खतरों से निपटने में दक्ष है, और भारत के साथ रणनीतिक सहयोग को और गहराने की जरूरत है।


ऑपरेशन सिंदूर: भारत का निर्णायक जवाब

22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में घुसे पाकिस्तानी आतंकियों ने धार्मिक पहचान के आधार पर 26 नागरिकों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके जवाब में भारत ने 6 और 7 मई की रात को पाकिस्तान में 9 आतंकी शिविरों पर सटीक स्ट्राइक की, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।

जवाब में पाकिस्तान ने भारत पर जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन भारत ने तुरंत पलटवार करते हुए 19 अतिरिक्त सैन्य व सामरिक ठिकानों को तबाह कर दिया। इनमें पाकिस्तानी वायुसेना के बेस और समुद्री बंदरगाह भी शामिल थे। इस प्रबल सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने संघर्ष विराम की पेशकश करते हुए पीछे हटने का संकेत दिया।


निष्कर्ष

जर्मन सांसद का यह बयान इस बात का प्रमाण है कि भारत की आतंकवाद के विरुद्ध रणनीति को वैश्विक समर्थन मिल रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ न केवल एक सैन्य मिशन था, बल्कि यह भारत की रणनीतिक दृढ़ता और वैश्विक सहयोग की मांग का प्रतीक बन गया है।

Exit mobile version