नई दिल्ली: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का पक्ष रखने के लिए विदेश दौरे पर भेजे गए ऑल पार्टी डेलिगेशन के लौटने के बाद वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने कहा है कि प्रतिनिधिमंडल ने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई। उन्होंने बताया कि पांच देशों में डेलिगेशन को भारत के रुख को लेकर पूरा समर्थन मिला।
“हम एकजुट हैं, यही संदेश दिया”
गुयाना, पनामा, कोलंबिया, ब्राजील और अमेरिका की यात्रा कर लौटे शशि थरूर ने कहा, “सरकार ने जो मिशन हमें सौंपा था, वह हमने पूरा किया। हम सब मिलकर भारत का पक्ष रखने गए और बताया कि आतंकी हमले के बाद भारत ने क्यों और कैसे जवाब दिया। सबसे अहम बात यह रही कि हमने दिखाया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भारत इस मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट है।”
पाकिस्तान को दिया स्पष्ट संदेश
थरूर ने बताया कि डेलिगेशन ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह स्पष्ट किया कि भारत युद्ध नहीं चाहता, लेकिन आत्मरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता भी नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “हमने बताया कि अगर पाकिस्तान उकसावे से बचेगा, तो भारत भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा। लेकिन अगर हमला होगा, तो चुप रहना कोई विकल्प नहीं है।”
“विकास पर है हमारा ध्यान, लेकिन सुरक्षा जरूरी”
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भारत की प्राथमिकता आज भी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और लोगों के भविष्य को बेहतर बनाना है। लेकिन जब आतंकी ताकतें नागरिकों को निशाना बनाती हैं, तो जवाब देना जरूरी हो जाता है।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन से उत्साहित
थरूर ने बताया कि पांचों देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों ने भारत की बात को गंभीरता से सुना और समर्थन भी जताया। उन्होंने कहा, “यह दौरा भारत के लिए सकारात्मक रहा, क्योंकि हमने दुनिया को दिखा दिया कि आतंकवाद पर हमारा रुख एकदम स्पष्ट और एकजुट है।”

