ग्राज (ऑस्ट्रिया): यूरोप के शांतिपूर्ण माने जाने वाले देश ऑस्ट्रिया से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. ग्राज शहर के एक हाई स्कूल में एक छात्र द्वारा की गई गोलीबारी में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें छात्र, शिक्षक और खुद हमलावर शामिल हैं. घटना ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया है और स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं.
📍 क्या हुआ था स्कूल में?
घटना Borg Dreierschutzengasse हाई स्कूल में घटी, जब स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे अचानक गोलियों की आवाजें गूंज उठीं. चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर छात्र ने दो क्लासरूम में अंधाधुंध फायरिंग की. मौतें मौके पर ही हुईं, जबकि कुछ घायल छात्र-शिक्षक अस्पताल में जीवन के लिए जूझ रहे हैं.
🕵️♂️ हमलावर का शव वॉशरूम में मिला
पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावर ने घटना के बाद खुद को वॉशरूम में गोली मार ली. उसका शव वहीं बरामद हुआ. प्रारंभिक जांच के अनुसार छात्र लंबे समय से बुलीइंग यानी साथियों द्वारा लगातार तंग किए जाने का शिकार था. मानसिक तनाव में आकर उसने यह बेहद खौफनाक कदम उठाया.
🚨 तुरंत कार्रवाई में जुटी पुलिस
घटना के तुरंत बाद पुलिस और आपात सेवाएं मौके पर पहुंच गईं, स्कूल को खाली कराया गया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित घोषित कर दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, अब आम जनता के लिए कोई खतरा नहीं है, लेकिन घटना से उपजे मानसिक प्रभाव की चिंता बनी हुई है.
🗣️ स्थानीय प्रशासन और मेयर का बयान
ग्राज की मेयर एल्के कार ने इस त्रासदी को “पूरे समाज की विफलता” बताया. उन्होंने कहा कि बच्चों की मानसिक सेहत की उपेक्षा के गंभीर परिणाम हो सकते हैं और स्कूलों को अब इस दिशा में ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है. उन्होंने पीड़ित परिवारों को मनोवैज्ञानिक सहायता देने की घोषणा की है.
🧠 मनोवैज्ञानिक सहायता की मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी का एक भयानक परिणाम है. यूरोप में छात्रों के बीच डिप्रेशन और बुलीइंग से जुड़े मामले तेजी से बढ़े हैं, और अब इस विषय पर नीति-निर्माण और स्कूलों में काउंसलिंग की जरूरत और भी अधिक महसूस की जा रही है।

