
जिले में स्कूल खुलने के बाद पहले ही सप्ताह में जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी के औचक निरीक्षण से हड़कंप मच गया। 16 जून से राज्यभर के स्कूलों की शुरुआत हो चुकी है और बच्चों का नामांकन और शाला प्रवेशोत्सव भी जोर-शोर से मनाया जा रहा है।
स्कूलों का निरीक्षण और गैरहाजिर शिक्षक
जिला शिक्षा अधिकारी ने कोंटा विकासखंड के विभिन्न स्कूलों का अचानक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कन्या आवासीय विद्यालय पोलमपल्ली, प्राथमिक शाला जगवारम, कोलाईगुड़ा, मिसमा, पोटा केबिन केरलापाल समेत करीब 10 स्कूलों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान ज्यादातर स्कूलों में शिक्षक और छात्र उपस्थित पाए गए, लेकिन
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पूर्व माध्यमिक शाला मिसमा के संकुल समन्वयक
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और प्राथमिक शाला कोलाईगुड़ा में एक शिक्षक
गैरहाजिर थे।
इन दोनों शिक्षकों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों को मिला यूनिफॉर्म और किताबें
निरीक्षण के दौरान बच्चों को गणवेश और किताबों का वितरण किया गया।
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हाई स्कूल में बच्चों को स्कैनिंग के बाद पुस्तकें दी गईं।
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सभी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का सही संचालन भी देखा गया।
शिक्षकों को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षा अधिकारी ने बच्चों और पालकों से बातचीत की और बच्चों को नियमित स्कूल आने व पढ़ाई करने की सलाह दी। सभी शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूल आने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के निर्देश दिए गए।
सकारात्मक पहलू
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पालामद्गु और जगवारम स्कूलों में युक्तियुक्तकरण के तहत तैनात शिक्षक उपस्थित मिले, जो संतोषजनक रहा।
निष्कर्ष:
स्कूलों की पढ़ाई में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गैरहाजिर शिक्षकों पर कार्रवाई तय है और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
