ओटावा:
कनाडा 2025 में एक नया स्थायी निवास (PR) कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रहा है, जो विशेष रूप से कुशल शरणार्थियों और विस्थापित लोगों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मौजूदा इकोनॉमिक मोबिलिटी पाथवे पायलट (EMPP) की सफलता को आधार बनाकर तैयार किया जाएगा। CIC न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल कनाडा की आर्थिक आप्रवासन प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
यह घोषणा इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) की 2025-26 की वार्षिक योजना के तहत की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नया कार्यक्रम 31 दिसंबर 2025 को EMPP की समाप्ति से पहले शुरू किया जाएगा, हालांकि इसकी सटीक रूपरेखा और पात्रता मानदंड अभी घोषित नहीं किए गए हैं।
EMPP की शुरुआत 2018 में हुई थी, और मार्च 2025 तक इसके तहत करीब 970 लोग कनाडा में बस चुके हैं।
IRCC की अन्य आगामी योजनाएं (2025-26)
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कृषि और मछली प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए नया वर्क परमिट: IRCC एक नया विदेशी श्रमिक वीज़ा स्ट्रीम शुरू करने पर विचार कर रहा है, जिससे इन दो क्षेत्रों में कार्यबल की जरूरत पूरी की जा सके।
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अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए राहत: पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के लिए पढ़ाई के क्षेत्र से जुड़ी पात्रता आवश्यकताओं को अद्यतन करने के लिए एक नया ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे भारत समेत अन्य देशों के छात्रों को फायदा मिलेगा।
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ओपन वर्क परमिट नियमों में बदलाव: अंतरराष्ट्रीय छात्रों और विदेशी कामगारों के जीवनसाथियों को दिए जाने वाले Spousal Open Work Permit (SOWP) की पात्रता शर्तों में बदलाव की योजना है। हालांकि नए नियमों का विवरण अभी जारी नहीं हुआ है।
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एक्सप्रेस एंट्री में प्राथमिकता श्रेणियाँ: IRCC ने फिर से यह दोहराया है कि स्वास्थ्य सेवा, ट्रेड, शिक्षा और फ्रेंच भाषा के कुशल लोगों को PR देने में प्राथमिकता दी जाएगी।
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अस्थायी निवासियों को मिलेगा वरीयता: नया लक्ष्य है कि कम से कम 40% PR अनुमतियाँ उन्हीं लोगों को दी जाएं जो पहले से कनाडा में अस्थायी वीज़ा पर रह रहे हैं।
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परिवार प्रायोजन मामलों में तेजी: कनाडा में रह रहे नागरिकों और स्थायी निवासियों के विदेशी पारिवारिक सदस्यों के PR आवेदन जल्द निपटाने की भी योजना है।
कनाडा में भारतीयों की स्थिति
2025 की पहली तिमाही में भारत कनाडा में अस्थायी निवास के लिए सबसे बड़ा स्रोत देश रहा। IRCC के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2025 के बीच 8,34,010 अस्थायी वीज़ा और उनके विस्तार (स्टडी परमिट, वर्क परमिट, विज़िटर वीज़ा आदि) को मंजूरी दी गई। इनमें से 3,82,055 यानी 45.8% आवेदक भारतीय थे।
इस आंकड़े में अधिकांश हिस्सेदारी छात्रों और कुशल पेशेवरों की है, जो कनाडा के टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर सेक्टर में अवसर तलाश रहे हैं।

