ईरान पर हमले का फैसला कर चुके थे ट्रंप, फिर क्यों टाला इरादा?
ट्रंप ने खुद बताई वजह, बोले- अभी कूटनीति को मौका देना जरूरी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पर हमले की तैयारी लगभग पूरी थी और फैसला भी लिया जा चुका था, लेकिन आखिरी वक्त पर इसे टाल दिया गया।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार था, लेकिन हालात को देखते हुए हमला रोकने का फैसला किया गया। माना जा रहा है कि गल्फ देशों की अपील, क्षेत्रीय युद्ध का खतरा और तेल बाजार पर संभावित असर इस फैसले के पीछे बड़ी वजह हो सकते हैं।
ईरान को लेकर अमेरिका का रुख लगातार सख्त रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर ईरान पीछे नहीं हटा या समझौते की राह नहीं अपनाई, तो अमेरिका आगे भी बड़े सैन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है। हालांकि, फिलहाल उन्होंने कूटनीति और बातचीत को एक मौका देने की बात कही है।
मिडिल ईस्ट में पहले से तनाव चरम पर है। ईरान, इजराइल, अमेरिका और गल्फ देशों की सैन्य गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर है। ऐसे में अगर अमेरिका हमला करता, तो पूरे क्षेत्र में बड़ा युद्ध भड़क सकता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का हमला टालना फिलहाल राहत की खबर है, लेकिन तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिका दबाव बनाए रखना चाहता है, जबकि ईरान भी अपनी स्थिति मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहा है।
बड़ी बात
ट्रंप ने ईरान पर हमला आखिरी वक्त पर टालने की बात कहकर साफ कर दिया है कि अमेरिका के सैन्य विकल्प अभी भी खुले हैं। फिलहाल युद्ध टल गया है, लेकिन मिडिल ईस्ट में संकट अभी बरकरार है।

