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कांगो में ममता और महामारी की दर्दनाक जंग! मां रोती रही- ‘मेरे बेटे को टाइफाइड था इबोला नहीं’, शव के लिए फूंक दिया अस्पताल

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कांगो में ममता बनाम महामारी की दर्दनाक तस्वीर

मां चीखती रही- “मेरे बेटे को टाइफाइड था, इबोला नहीं”; गुस्साई भीड़ ने अस्पताल में लगा दी आग

अफ्रीकी देश कांगो से इंसानियत को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। इबोला जैसी खतरनाक महामारी के डर और अव्यवस्था के बीच एक मां अपने बेटे की मौत पर रोती रही और कहती रही, “मेरे बेटे को टाइफाइड था, इबोला नहीं…” लेकिन हालात इतने बिगड़ गए कि गुस्साई भीड़ ने अस्पताल को ही आग के हवाले कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अस्पताल प्रशासन ने युवक की मौत को इबोला से जुड़ा मामला बताया था। इसके बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया। मृतक की मां का आरोप था कि उनके बेटे का सही इलाज नहीं हुआ और गलत तरीके से उसे इबोला मरीज घोषित कर दिया गया।

देखते ही देखते अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी और बाद में आग लगा दी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

कांगो पहले से ही इबोला और दूसरी संक्रामक बीमारियों से जूझता रहा है। लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, डर और अफवाहों के कारण कई बार हालात हिंसक रूप ले लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी के समय लोगों में डर और अविश्वास तेजी से फैलता है, जिससे ऐसी घटनाएं सामने आती हैं।

इस घटना ने एक बार फिर अफ्रीकी देशों की स्वास्थ्य व्यवस्था और महामारी प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सोशल मीडिया पर भी यह खबर लोगों को भावुक कर रही है। कई यूजर्स ने इसे “मां के दर्द और सिस्टम की विफलता” की कहानी बताया है।

फिलहाल, कांगो में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।

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