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कांग्रेस जिलाध्यक्ष की रेस में बढ़ी भीड़, सामने आए कई दावेदार

उज्जैन।
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में कांग्रेस पार्टी जल्द ही नए शहर और जिला अध्यक्ष नियुक्त करने जा रही है। राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान से कार्यकर्ताओं में जोश भर गया है और अध्यक्ष पद की रेस में कई नेता कूद चुके हैं।


अध्यक्ष बनने की होड़ तेज

  • शहर से गांव तक कार्यकर्ता उत्साहित हैं।

  • जुलाई में नए अध्यक्षों की घोषणा संभव मानी जा रही है।

  • एआईसीसी की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक रागिनी नायक ने शहर में ब्लॉकों में रायशुमारी शुरू की है।

  • जिलाध्यक्ष पद को लेकर नदीम जावेद बैठकों की शुरुआत करने जा रहे हैं।


माइनस पॉइंट भी देखे जा रहे हैं

पर्यवेक्षक दावेदारों की कमियों और खूबियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
जांच हो रही है कि—

  • किसी दावेदार का सरकारी या भाजपा से संबंध तो नहीं है?

  • व्यावसायिक संबंध तो नहीं हैं?

  • क्या वह पूर्व में पार्टी को नुकसान तो नहीं पहुंचा चुके हैं?


शहर अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार

  1. मुकेश भाटी – वर्तमान शहर अध्यक्ष, पहले ब्लॉक अध्यक्ष।

  2. चेतन यादव – पीसीसी पदाधिकारी, पूर्व पार्षद, विधानसभा प्रत्याशी।

  3. विक्की यादव – विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

  4. हिमांशु जोशी – पूर्व पार्षद, संगठन में काम कर चुके हैं।

  5. माया त्रिवेदी – पार्षद, विधानसभा चुनाव भी लड़ा है।

  6. अंजु जाटवा – संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं।


जिलाध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार

  1. हेमंतसिंह चौहान – यूथ कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष, जन आंदोलन में सक्रिय।

  2. अजीतसिंह ठाकुर – ब्लॉक अध्यक्ष, सहकारी बैंक अध्यक्ष, पत्नी जनपद अध्यक्ष रही हैं।

  3. रणछोड़ त्रिवेदी – जिला पंचायत सदस्य, पुराने व मिलनसार नेता।

  4. मुरली मोरवाल – पूर्व विधायक, जिला पंचायत सदस्य, सक्रिय टीम है।

  5. भरत पोरवाल – जिला पंचायत उपाध्यक्ष, लंबे समय से सक्रिय।


नामों की भीड़ क्यों बढ़ी?

  • कुछ नेताओं ने अपने समर्थकों को दावेदारी के लिए आगे किया, ताकि विरोधी कमजोर हों।

  • पैनल में नाम जाने का फायदा भविष्य में मिल सकता है।

  • इस कारण हर पद के लिए दर्जनों दावेदार मैदान में उतर आए हैं।


निष्कर्ष:
उज्जैन में कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर कड़ा मुकाबला चल रहा है। एआईसीसी की टीम 30 जून तक रिपोर्ट सौंपेगी, जिसमें 5-6 नामों का पैनल हो सकता है। सभी दावेदारों को अब अंतिम फैसले का इंतजार है।

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