
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभी इस अस्पताल को दोबारा मंजूरी देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
पहले की सरकार ने की थी घोषणा
अप्रैल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस अस्पताल की घोषणा की थी। योजना के अनुसार जयपुर के चार मुख्य राजमार्गों पर चार सैटेलाइट अस्पताल बनाने का प्रस्ताव था। हर अस्पताल के लिए 25 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था।
इस बजट का खर्च नगरीय विकास विभाग, स्वायत्त शासन विभाग और आवासन मंडल को मिलकर उठाना था।
काम शुरू होने के बाद रद्द हुआ अनुबंध
घोषणा के बाद जेडीए ने 19.11 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण कार्य एक ठेकेदार को सौंपा था। अस्पताल का काम सितंबर 2024 तक पूरा होना था।
लेकिन निर्माण पूरा होने से पहले ही जेडीए ने अनुबंध रद्द कर दिया। इससे इलाके के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद फिलहाल खत्म हो गई है।
