ब्रिटेन के सम्राट King Charles III ने हाल ही में एक टिप्पणी के जरिए अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर ब्रिटेन का इतिहास अलग होता, तो आज अमेरिका में फ्रेंच बोली जाती।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में कहा था कि यदि अमेरिका ने विश्व युद्धों में हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो आज यूरोप में जर्मन भाषा का वर्चस्व होता। दोनों बयानों को वैश्विक राजनीति में तंज और बयानबाजी के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां ऐतिहासिक घटनाओं की ओर इशारा करती हैं, लेकिन इन्हें मौजूदा कूटनीतिक संबंधों के संदर्भ में भी समझा जा रहा है।
यह बयान Washington, D.C. में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां राजनीतिक गलियारों में इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे हल्का-फुल्का व्यंग्य मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे गंभीर राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं।
फिलहाल, इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भाषा और इतिहास को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

