
700 से 14 हजार तक बढ़ा किराया
व्यापारियों का कहना है कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी सही नहीं है। उनका आरोप है कि बिना ठीक से सर्वे और सुनवाई के किराया तय कर दिया गया। छोटे दुकानदार पहले ही मंदी और बढ़ती लागत से परेशान हैं, ऐसे में 20 गुना तक किराया बढ़ना उनके लिए बड़ी मुश्किल है।
व्यापारियों ने टैक्स कमेटी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर बढ़ा हुआ किराया वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर बाजार बंद और बड़े स्तर पर धरना भी किया जा सकता है।
फिलहाल नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बढ़ते विरोध को देखते हुए जल्द बातचीत होने की संभावना है। शहर के बाजारों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
