
यह कार्यक्रम शनिवार दोपहर करीब 1 बजे आयोजित होगा। इसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू मौजूद रहेंगे। इसी कार्यक्रम में नौनेरा और परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजनाओं का भी भूमि पूजन किया जाएगा।
कार्यक्रम से पहले ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन के साथ कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने आम लोगों के बैठने की व्यवस्था, पार्किंग, सुरक्षा और पीने के पानी जैसी सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इस मौके पर कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण करीब 1507 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। एयरपोर्ट पर 20 हजार वर्गमीटर का टर्मिनल बनाया जाएगा और 3200 मीटर लंबा व 45 मीटर चौड़ा रनवे तैयार होगा। यहां ए-321 श्रेणी के विमानों के लिए 7 एप्रन बे भी बनाए जाएंगे। इस एयरपोर्ट की क्षमता करीब 1000 यात्रियों की होगी और लक्ष्य रखा गया है कि वर्ष 2027 तक यहां से हवाई सेवाएं शुरू हो जाएं।
इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना भी शुरू की जाएगी। इस परियोजना पर करीब 1661 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे कोटा और बूंदी जिलों के 749 गांवों और 6 कस्बों के लगभग 1.13 लाख परिवारों को घर-घर पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
वहीं परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना पर करीब 3523 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना से बारां, कोटा और झालावाड़ जिलों के 1402 गांवों और 276 ढाणियों के करीब 1.52 लाख परिवारों को पानी की सुविधा मिलेगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि करीब दो दशक पहले कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट बनाने का सपना देखा गया था। इस परियोजना में कई चुनौतियां आईं, लेकिन धैर्य और प्रयास से सभी बाधाओं को पार किया गया। अब यह सपना साकार होने जा रहा है, जिससे कोटा और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
