
राजस्थान में इस बार मानसून से पहले बाढ़ और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। इसी के तहत 14 जून को कोटा में एक बड़ी मॉक ड्रिल की जाएगी, जिसमें सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मिलकर अभ्यास करेंगी।
सभी विभाग अलर्ट मोड में रहें
आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने मंगलवार को सचिवालय में हुई बैठक में कहा कि सभी विभाग मिलकर तैयारी करें और कोई भी लापरवाही न हो।
उन्होंने खास तौर पर वज्रपात (आकाशीय बिजली), भारी बारिश, ज़मीन कटाव और जलभराव जैसी संभावित समस्याओं के लिए सभी उपकरण और संसाधन तैयार रखने को कहा।
इन विभागों को किया गया अलर्ट
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सेना और वायुसेना
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एनडीआरएफ और एसडीआरएफ
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चिकित्सा विभाग
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बिजली, जल संसाधन, रसद, पशुपालन विभाग
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पंचायती राज और स्थानीय निकाय विभाग
सभी को निर्देश दिए गए हैं कि बचाव और राहत कार्यों के लिए पूरी तैयारी रखें।
फ्लड प्लान 2025 की समीक्षा
बैठक में “फ्लड प्लान 2025” की समीक्षा भी की गई। इसी के तहत 14 जून को कोटा में मॉक ड्रिल होगी। यह अभ्यास बाढ़ जैसे हालात में कैसे रेस्क्यू और राहत कार्य किया जाए, इसकी तैयारी को परखने के लिए किया जाएगा।
15 जून से हेल्पलाइन नंबर होंगे सक्रिय
राज्य सरकार ने आपातकाल के समय जनता को तुरंत सहायता देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 (राज्य स्तर), 112 और 1077 (जिला स्तर) को 15 जून से 24 घंटे के लिए चालू रखने का फैसला किया है।
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राज्य स्तर का कंट्रोल रूम: शासन सचिवालय में
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जिला कंट्रोल रूम: हर जिले के कलेक्ट्रेट में
मंत्री का निर्देश
डॉ. मीना ने कहा कि मानसून से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, और नीचे तक हर स्तर पर निगरानी और काम का क्रियान्वयन पक्का किया जाए।
इस बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
