
क्या था मामला?
जयपुर महानगर-1 क्षेत्र की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कल्पना पारीक की अदालत में एक साल से साक्ष्य देने के लिए हनुमानगढ़ SP को तलब किया जा रहा था।
गुरुवार को जब अरशद अली अदालत पहुंचे, तो वे कुर्सी पर बैठकर ही बोलने लगे और गिरफ्तारी वारंट पर आपत्ति जताई। जब न्यायाधीश ने टोका, तो उन्होंने अभद्रता से जवाब दिया, जिससे नाराज होकर कोर्ट ने उन्हें दो घंटे के लिए अभिरक्षा में भेज दिया।
फिर क्या हुआ?
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भोजनावकाश के बाद, जब SP को फिर से साक्ष्य के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने अपने व्यवहार पर खेद जताया।
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कोर्ट ने देखा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है, तो उन्हें बैठने की अनुमति दे दी।
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उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने इंकार कर दिया।
निष्कर्ष:
कोर्ट ने साफ कर दिया कि अदालती प्रक्रिया में अनुशासन का पालन जरूरी है। हनुमानगढ़ SP को अनुचित व्यवहार के कारण कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
