नई दिल्ली/इस्लामाबाद: भारतीय सेना द्वारा हाल ही में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में छिपे आतंकवादी ठिकानों पर जबरदस्त मिसाइल हमले किए गए। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई उस आतंकी हमले के जवाब में की गई है जो 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी।
मसूद अजहर कौन है?
मौलाना मसूद अजहर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का संस्थापक और प्रमुख है। यह वही संगठन है जिसने 2019 में पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें भारत के 40 से ज्यादा CRPF जवान शहीद हुए थे। मसूद अजहर पर ही पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप भी है।
1999 का कंधार कांड: जब भारत को मजबूरन छोड़ना पड़ा
मसूद अजहर को भारत ने 1994 में गिरफ्तार किया था, लेकिन वह 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक के दौरान छोड़ दिया गया। इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को आतंकियों ने हाइजैक कर लिया था, जिसमें 178 यात्री सवार थे। यात्रियों की जान बचाने के लिए भारत को तीन आतंकियों, जिनमें मसूद अजहर भी शामिल था, को रिहा करना पड़ा।
पाकिस्तान में ही मिला आखिरी सुराग
खुफिया सूत्रों के अनुसार, मसूद अजहर का अंतिम ज्ञात ठिकाना पाकिस्तान के बहावलपुर में था, जहां वह कथित रूप से दिल की बीमारी के इलाज के बहाने छिपा हुआ था। हालांकि, पाकिस्तान सरकार बार-बार उसके अस्तित्व से इनकार करती रही है।
वैश्विक आतंकवादी घोषित
भारत की वर्षों की कोशिशों के बाद, मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया। यह कदम चीन के लंबे विरोध के बावजूद संभव हुआ, जिसने पहले कई बार इस कदम को वीटो किया था।
ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए उसके ठिकाने
भारतीय सेना के हालिया हमले में मसूद अजहर के बहावलपुर और मुजफ्फराबाद स्थित ठिकानों को मिसाइलों से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। यह ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद के लिए ट्रेनिंग कैंप और हथियारों के गोदाम के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे।

