यरुशलम | 20 जून 2025
ईरान और इज़रायल के बीच जारी तनाव के बीच, इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज के तीखे बयानों ने भू-राजनीतिक माहौल को और अधिक विस्फोटक बना दिया है। नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा है कि “अब कोई भी इज़रायल की कार्रवाई से सुरक्षित नहीं रहेगा”, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई इज़रायल के संभावित लक्ष्य हो सकते हैं।
हमले का बदला या रणनीतिक संदेश?
यह बयान उस समय आया जब ईरान ने इज़रायल के सोरोका अस्पताल और तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज को निशाना बनाया। नेतन्याहू ने बेर्शेबा स्थित अस्पताल का दौरा करते हुए पत्रकारों से कहा:
“मैंने निर्देश दिए हैं कि इज़रायल के हमलों से कोई अछूता नहीं रहेगा।”
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यह बयान किसी प्रचार के लिए नहीं, बल्कि एक रणनीतिक चेतावनी के तौर पर दिया गया है।
“काम बोलेगा, बयान नहीं”: नेतन्याहू की दो टूक
प्रधानमंत्री ने कहा:
“मैं ऐसे बयानों में विश्वास नहीं करता जो सिर्फ सुर्खियों के लिए दिए जाते हैं। युद्ध में शब्दों से अधिक मायने कार्यों के होते हैं। सभी विकल्प खुले हैं, लेकिन मीडिया के ज़रिए रणनीति साझा करना उचित नहीं है।”
इस तरह नेतन्याहू के संकेतों को खामेनेई पर संभावित व्यक्तिगत हमले की चेतावनी माना जा रहा है, हालांकि उन्होंने किसी नाम का सीधा उल्लेख नहीं किया।
काट्ज़ का सीधा हमला: “आधुनिक हिटलर को समाप्त करना लक्ष्य”
इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने इससे भी अधिक आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए खामेनेई को सीधे चेतावनी दी:
“खामेनेई आधुनिक युग का हिटलर है। उसका सफाया इस ऑपरेशन का हिस्सा है। वह एक तानाशाह है जिसने इज़रायल के विनाश को अपना घोषित लक्ष्य बनाया है।”
काट्ज़ ने यह भी आरोप लगाया कि खामेनेई अस्पतालों पर हमलों के आदेश देता है, जिससे उसका वैश्विक प्रभाव घातक हो गया है।
अमेरिका की भूमिका पर नेतन्याहू का बयान
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिका की संभावित भूमिका पर कहा:
“यह निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का होगा कि अमेरिका क्या करेगा। मैं वही करूंगा जो इज़रायल के हित में होगा – अकेले भी, अगर ज़रूरत पड़ी।”
उन्होंने इस बात को भी दोहराया कि ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को समाप्त करना है, जिससे भविष्य में इज़रायल पर कोई बैलिस्टिक या परमाणु खतरा न रहे।
अब तक का नुकसान और ऑपरेशन ‘राइजिंग लायन’
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ईरान अब तक 400 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 1000+ ड्रोन इज़रायल पर दाग चुका है।
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इन हमलों में 147 लोग घायल हुए हैं।
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जवाबी कार्रवाई में इज़रायल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को लक्षित किया है।
इज़रायली सैन्य ऑपरेशन ‘राइजिंग लायन’ का उद्देश्य स्पष्ट है – ईरान की सामरिक क्षमता को खत्म करना।
मीडिया पर सेंसरशिप और आगे का रास्ता
युद्ध की संवेदनशीलता को देखते हुए इज़रायल सरकार ने मीडिया पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें सैन्य ठिकानों की स्थिति, सुरक्षा योजनाएं, ऑपरेशनों के विवरण आदि की रिपोर्टिंग शामिल है।
निष्कर्ष: क्या खामेनेई अगला लक्ष्य हैं?
हालाँकि इज़रायली नेतृत्व ने खामेनेई का नाम सीधे नहीं लिया है, लेकिन उनके बयानों से यह स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि ईरान की शीर्ष नेतृत्व संरचना अब सीधे खतरे में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इज़रायल वास्तव में ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाता है, तो यह पश्चिम एशिया की राजनीति को पूरी तरह से बदल सकता है – और यह टकराव सीधे ईरान की आत्मरक्षा बनाम इज़रायल की आक्रामक नीति में तब्दील हो जाएगा।

