
मिर्च में क्या खास होता है?
मिर्च में कैप्साइसिन (Capsaicin) नाम का तत्व होता है। यही मिर्च को तीखा बनाता है।
जब कैप्साइसिन शरीर में जाता है, तो यह शरीर का तापमान बढ़ाता है। तापमान बढ़ने पर शरीर उसे संतुलित करने के लिए ज्यादा कैलोरी जलाता है। इस प्रक्रिया को थर्मोजेनेसिस (Thermogenesis) कहते हैं।
इसी कारण तीखा खाने के बाद पसीना आता है और शरीर गर्म महसूस करता है।
क्या तीखा खाना मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है?
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, तीखा खाना मेटाबॉलिज्म को थोड़ा तेज कर सकता है।
इसका मतलब है कि शरीर ऊर्जा को तेजी से खर्च करता है और कैलोरी ज्यादा जलती है।
कैप्साइसिन के संभावित फायदे:
-
भूख थोड़ी कम कर सकता है
-
इंसुलिन के काम को बेहतर बना सकता है
-
फैट बर्निंग बढ़ाने में मदद कर सकता है
कुछ शोध बताते हैं कि मिर्च खाने के करीब 45 मिनट बाद फैट जलाने की प्रक्रिया 30–35% तक बढ़ सकती है।
यह व्हाइट फैट को ब्राउन फैट में बदलने में भी मदद कर सकता है। ब्राउन फैट ज्यादा ऊर्जा जलाता है, जिससे वजन कंट्रोल करने में सहायता मिलती है।
ज्यादा तीखा खाना क्यों नुकसानदायक हो सकता है?
जहां मिर्च के फायदे हैं, वहीं ज्यादा तीखा खाना नुकसान भी कर सकता है।
अगर किसी को:
-
एसिडिटी
-
गैस
-
अल्सर
-
पेट में जलन
जैसी समस्याएं हैं, तो ज्यादा मिर्च खाने से परेशानी बढ़ सकती है।
संवेदनशील पेट वाले लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए।
क्या करें?
-
तीखा खाना पूरी तरह बुरा नहीं है।
-
संतुलित मात्रा में खाना फायदेमंद हो सकता है।
-
अपनी सहन क्षमता के अनुसार ही मसालेदार भोजन करें।
-
अगर पेट में जलन या दर्द हो, तो तीखे की मात्रा कम कर दें।
निष्कर्ष यह है कि मिर्च फैट बर्निंग में थोड़ी मदद कर सकती है, लेकिन केवल तीखा खाना ही वजन घटाने का समाधान नहीं है। सही खानपान और नियमित व्यायाम ही सबसे बेहतर तरीका है।
