
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला मौके पर पहुंचे और खुद पानी की जांच की। जांच में पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुसार सही नहीं पाई गई। उन्होंने कहा कि यह पानी पीने के लायक नहीं है और इससे लोगों की सेहत को बड़ा खतरा हो सकता है।
कांग्रेस नेता ने जताई चिंता
मनोज शुक्ला ने कहा कि जनता नगर के लोग पिछले करीब पांच साल से ऐसे ही पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपील करते हुए कहा कि भोपाल को इंदौर के भागीरथपुरा जैसी स्थिति में न बदला जाए, जहां दूषित पानी पीने से अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है।
पानी की जांच में निकली गंभीर स्थिति
कांग्रेस नेता ने मौके पर पानी की रीडिंग चेक करवाई, जो 253 आई। उन्होंने बताया कि इतनी रीडिंग वाला पानी पीने योग्य नहीं होता। उनका आरोप है कि सरकार लोगों को बदबूदार और जहरीला पानी पीने पर मजबूर कर रही है।
इंदौर का उदाहरण दिया
उन्होंने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां दूषित पानी की वजह से अब तक 33 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। कांग्रेस नेता ने मांग की कि भोपाल में हालात बिगड़ने से पहले प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे।
इस पूरे मामले के बाद जनता में चिंता बढ़ गई है और लोग साफ पानी की मांग कर रहे हैं।
