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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग का बड़ा बयान – हर देश के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना जरूरी नहीं

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टॉड ग्रीनबर्ग का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट खेलना सभी देशों के लिए जरूरी नहीं है, क्योंकि यह कई छोटे और आर्थिक रूप से कमजोर क्रिकेट बोर्ड के लिए भारी बोझ बन सकता है। उनका कहना है कि टेस्ट मैचों की संख्या कम होना ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के लिए नुकसान की बजाय फायदेमंद हो सकता है।

ग्रीनबर्ग ने कहा कि टेस्ट खेलने वाले देशों की कोई तय संख्या नहीं है और न ही यह जरूरी है कि हर देश इस प्रारूप में खेले। उनके मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट खेलने की इच्छा हर देश में होना जरूरी नहीं है, क्योंकि ऐसा करने से कई क्रिकेट बोर्ड आर्थिक संकट में फंस सकते हैं। उन्होंने साफ कहा, “अगर हम सभी देशों को टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर करेंगे, तो यह उन देशों के लिए नुकसानदायक हो सकता है और कुछ तो दिवालिया भी हो सकते हैं।”

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पारंपरिक क्रिकेट प्रेमियों को उनका यह विचार पसंद नहीं आएगा, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे शुद्ध और ऐतिहासिक रूप माना जाता है। लेकिन उनके अनुसार, हकीकत यह है कि टेस्ट क्रिकेट की मेजबानी करना और आयोजन करना काफी महंगा होता है, और सभी देशों के पास इसके लिए जरूरी संसाधन नहीं होते।

टॉड ग्रीनबर्ग के यह विचार उस समय सामने आए हैं जब हाल ही में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में टेस्ट सीरीज खेली गईं। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की रोमांचक सीरीज खत्म हुई, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को हराया और न्यूजीलैंड ने जिम्बाब्वे को मात दी। लेकिन इन नतीजों के बाद फिर से यह बहस शुरू हो गई कि टेस्ट क्रिकेट का भविष्य कैसा होना चाहिए और क्या सभी देशों को इसमें भाग लेना चाहिए। ग्रीनबर्ग ने यह भी याद दिलाया कि ऑस्ट्रेलिया ने 2024-25 सीजन में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की मेजबानी की थी, और अब साल के अंत में इंग्लैंड के खिलाफ प्रतिष्ठित एशेज सीरीज के लिए तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देशों के लिए टेस्ट क्रिकेट अब भी बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन छोटे देशों के लिए यह जरूरी नहीं कि वे इस प्रारूप में उतरें, खासकर तब जब उनके पास सीमित बजट और संसाधन हों।

उनके मुताबिक, अगर हम वास्तविकता को स्वीकार करें और टेस्ट क्रिकेट को केवल उन्हीं देशों तक सीमित रखें जो इसे लंबे समय तक चला सकते हैं, तो इससे न केवल खेल की गुणवत्ता बनी रहेगी बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी यह अधिक टिकाऊ होगा।

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