जागरेब (क्रोएशिया): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के अंतिम पड़ाव में बुधवार को क्रोएशिया पहुँचे, जहाँ उनका स्वागत बेहद विशेष और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध तरीके से किया गया। राजधानी जागरेब में पारंपरिक संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और संस्कृत मंत्रोच्चार के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक यात्रा के साथ मोदी क्रोएशिया जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं।
संस्कृति से जुड़ी गूंज और भारत का सम्मान
पीएम मोदी के स्वागत समारोह में क्रोएशियाई नागरिकों का एक समूह पारंपरिक सफेद पोशाक में संस्कृत श्लोकों का उच्चारण करता दिखा। इस क्षण का वीडियो खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया और लिखा,
“संस्कृति के बंधन मजबूत और जीवंत हैं! यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि क्रोएशिया में भारतीय संस्कृति को इतना सम्मान और अपनापन मिलता है।”
भारतीय प्रवासी समुदाय ने भी ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरे वातावरण को देशभक्ति से भर दिया।
बातचीत के प्रमुख विषय: रक्षा, लोकतंत्र और सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत हुई। इस दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को तीन गुना गति से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
पीएम मोदी ने कहा, “भारत और क्रोएशिया साझा मूल्यों—जैसे लोकतंत्र, समानता और कानून के शासन—से जुड़े हैं। हम रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में मिलकर काम करेंगे।”
वैश्विक संकटों पर भी हुई चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और उनके क्रोएशियाई समकक्ष ने वैश्विक सुरक्षा स्थितियों पर विचार-विमर्श किया। इसमें ईरान-इज़रायल संघर्ष, रूस-यूक्रेन युद्ध और आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दे शामिल रहे।
पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा:
“युद्ध का समाधान युद्धभूमि पर नहीं निकलता। बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है, चाहे वह एशिया हो या यूरोप।”
क्रोएशियाई प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री प्लेंकोविक ने भारत में हाल ही में हुए आतंकी हमलों पर संवेदना व्यक्त की और कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया की स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
“प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक क्षण में हो रही है। हमने भारत-क्रोएशिया संबंधों को नए स्तर पर ले जाने का संकल्प लिया है। विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।”
निष्कर्ष
क्रोएशिया में पीएम मोदी की यात्रा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद अहम रही। संस्कृत मंत्रोच्चार से स्वागत और वैश्विक मुद्दों पर स्पष्ट बातचीत ने यह साबित किया कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी संस्कृति और सोच—दोनों के साथ मजबूती से खड़ा है।

