
परियोजना में हो रही प्रगति
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यह रेल मार्ग ललितपुर-सिंगरौली रेलवे प्रोजेक्ट का भी हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 1998 में हुई थी।
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खजुराहो-सतना रेल मार्ग बनने से यह पुरानी परियोजना भी पूरी हो जाएगी।
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पहले इस परियोजना में वन विभाग की भूमि मिलने में देरी हो रही थी, लेकिन अब रेलवे को 309 हेक्टेयर जमीन हस्तांतरित की जा चुकी है।
परियोजना का निर्माण दो चरणों में
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पहला चरण: खजुराहो से सूरजपुर तक 16 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण
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दूसरा चरण: बालूपुर और अजयगढ़ के पास तक रेल लाइन बिछाने का काम
इस परियोजना का सबसे अहम हिस्सा केन नदी पर बनने वाला बड़ा पुल है, जो सूरजपुरा के पास स्थित होगा। इस पुल के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं, और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
रेल लाइन पर बनेंगे 47 पुल और 6 नए स्टेशन
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72 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड में कुल 47 पुल बनाए जाएंगे, जिनमें 40 छोटे और 7 बड़े पुल होंगे।
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केन नदी पर एक बड़ा पुल बनाने की योजना है, जिसका टेंडर जारी किया गया है।
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6 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे:
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छतरपुर जिले में: सूरजपुरा और बरखेड़ा
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पन्ना जिले में: सबदुआ, बालूपुर, अजयगढ़ और सिंहपुर
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क्षेत्रीय विकास में मदद मिलेगी
इस रेल परियोजना से खजुराहो, पन्ना और सतना के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और इस क्षेत्र का आर्थिक व सामाजिक विकास तेजी से होगा। 90% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है, और अब निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा।
अधिकारियों का बयान
महेंद्र आर्य, सेक्शन इंजीनियर, पश्चिम मध्य रेलवे ने कहा,
“यह परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए बहुत जरूरी है। इसके पूरा होने से यात्रा की सुविधा बढ़ेगी और लोगों को बेहतर रेल सेवा मिलेगी।”
