
डिंडौरी ज़िले के अमरपुर विकासखंड के घेवरी गांव में सरकारी राशन दुकान से गरीब आदिवासियों को सड़ा-गला और कीड़ों वाला अनाज दिया गया। जब ग्रामीणों ने यह अनाज देखा, तो वे बहुत नाराज़ हुए और इसे वापस करने के लिए सीधे सोसायटी पहुंच गए।
क्या है मामला
ग्रामीणों को सरकार की ओर से मुफ्त में गेहूं बांटा जा रहा था, लेकिन जो अनाज उन्हें दिया गया वो पूरी तरह सड़ा हुआ और घुन लगा हुआ था। गेहूं में कीड़े भी चलते हुए दिखे।
जब लोगों ने सेल्समैन से इस खराब अनाज पर आपत्ति जताई, तो उसने कहा, “ऊपर से जैसा गेहूं आया है, वैसा ही मिलेगा” और उन्हें भगा दिया।
गांव वालों में बढ़ा गुस्सा
ग्रामीणों ने बताया कि इस गेहूं को तो जानवर भी नहीं खाएंगे, लेकिन फिर भी उन्हें मजबूरी में अपने घर ले जाना पड़ा। इस मामले को लेकर गांव के सरपंच ने भी जिला खाद्य अधिकारी से शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अब इस लापरवाही से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है और वे उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
सरकारी योजनाओं के तहत गरीबों को जो मदद मिलनी चाहिए, वह अगर इस तरह की लापरवाही का शिकार हो तो सवाल उठना लाज़मी है। जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आगे से ऐसा न हो।
