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खाद्य सुरक्षा योजना: गरीबों को नहीं मिल रहा लाभ, हजारों आवेदन पेंडिंग

झालावाड़: जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत हजारों गरीब लोग सरकारी लाभ से वंचित हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने 2022 और 2025 में आवेदन किया, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते ये आवेदन अभी भी पेंडिंग पड़े हैं।

हजारों आवेदन पेंडिंग, कोई सुनवाई नहीं

जिले में 2022 के 12,572 आवेदन अब तक पेंडिंग हैं, वहीं 2025 में 25,824 नए आवेदन आए, लेकिन किसी को भी अभी तक योजना के तहत पात्र नहीं माना गया। कई जरूरतमंद लोग सरकारी दफ्तरों और ई-मित्र केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

क्या हैं प्रमुख समस्याएं?

🔹 अधिकारियों की लापरवाही – कई उपखंड अधिकारियों ने अब तक आवेदनों को देखा तक नहीं।
🔹 नाम की गलतियां – आधार कार्ड और राशन कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत होने से आवेदन अटक रहे हैं।
🔹 दस्तावेज की समस्या – मजदूरी करने वाले गरीबों से सरकारी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिससे उनका आवेदन अटक गया है।
🔹 शून्य पात्रता – अब तक किसी भी व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं दिया गया।

2022 के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेंडिंग आवेदन

शहरी क्षेत्र

उपखंड कुल आवेदन पेंडिंग आवेदन
अकलेरा 655 59
भवानीमंडी 991 50
गंगधार 103 103
झालरापाटन 2400 648

ग्रामीण क्षेत्र

उपखंड कुल आवेदन पेंडिंग आवेदन
अकलेरा 4984 233
गंगधार 5395 3539
खानपुर 5951 3017

2025 के नए आवेदनों की स्थिति

📌 कुल आवेदन: 25,824
📌 एसडीओ स्तर पर पेंडिंग: 13,636
📌 बीपीओ और ईओ स्तर पर पेंडिंग: 9,499
📌 समिति स्तर पर पेंडिंग: 2,269
📌 अब तक पात्र घोषित: 0

गरीबों की परेशानी (केस स्टडी)

रामेश्वर मजदूर (पुराना कांजीबाड़ा, झालावाड़)“जनवरी में आवेदन किया था, लेकिन अभी तक किसी ने देखा भी नहीं। मजदूरी कर घर चला रहे हैं, फिर भी हमें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।”

बृजेश मदारी (खां तालाब, झालावाड़)“हमारी आमदनी 6-7 हजार रुपये महीना है। आवेदन के समय कई सरकारी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जो हमारे पास नहीं हैं। जब गरीबों को योजना का लाभ ही नहीं देना था तो पोर्टल चालू क्यों किया?”

प्रशासन की प्रतिक्रिया

अजय सिंह राठौड़, जिला कलेक्टर, झालावाड़“हम इस मामले की जांच करेंगे और सभी अधिकारियों को निर्देश देंगे कि पेंडिंग आवेदनों को जल्द से जल्द निपटाया जाए।”

👉 सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है, ताकि गरीबों को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके।

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