तेहरान/यरुशलम: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने एक धार्मिक आयत के जरिये इजरायल को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कुरान की एक पंक्ति साझा करते हुए अपने संदेश में लिखा:
“अल्लाह की मदद और शीघ्र आने वाली विजय” (सूरह अल-सफ 61:13)
खामेनेई ने इस संदेश के साथ लिखा कि अल्लाह की इच्छा से इस्लामी राष्ट्र ज़ायनिस्ट शासन (इजरायल) पर विजय प्राप्त करेगा।
उनका यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब ईरान और इजरायल के बीच सैन्य टकराव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। इसे विशेषज्ञ धार्मिक प्रेरणा से भरी युद्ध की चेतावनी मान रहे हैं।
तबरीज़ में दो शक्तिशाली विस्फोट – ईरानी वायुसेना बेस के पास धमाके
ईरान के तबरीज़ शहर में मंगलवार को लगातार दो जोरदार धमाके हुए। ये विस्फोट केवल पांच मिनट के अंतर पर हुए और पूरे शहर में घना धुआं देखा गया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर के अनुसार, धमाके इतनी तीव्रता के थे कि आस-पास के इलाकों में भय और तनाव का माहौल बन गया।
तबरीज़ में मौजूद एक महत्वपूर्ण ईरानी एयरफोर्स बेस की वजह से इन धमाकों को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
यरुशलम और तेल अवीव पर ईरानी मिसाइलों का हमला
उधर, इजरायल के यरुशलम और तेल अवीव में भी मंगलवार सुबह जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने पुष्टि की है कि यह हमला ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के चलते हुआ है।
देश के कई इलाकों में एयर रेड सायरन बजाए गए और नागरिकों को तुरंत बम शेल्टर में जाने की सलाह दी गई। इजरायली सेना ने बताया कि कई मिसाइलें देश के मध्य हिस्से में गिरीं और नुकसान की रिपोर्ट के बाद आपातकालीन सेवाएं सक्रिय हो गई हैं।
हालांकि यरुशलम में धमाकों की आवाजें जरूर सुनी गईं, लेकिन वहां सायरन नहीं बजे, जिससे लोगों में भ्रम और डर की स्थिति पैदा हो गई। इसके विपरीत इजरायल के केंद्रीय, उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया।
IDF सक्रिय, मिसाइल इंटरसेप्शन और जवाबी कार्रवाई जारी
इजरायली सेना ने कहा है कि उनकी एयर डिफेंस यूनिट्स लगातार मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में लगी हुई हैं और कुछ रणनीतिक ठिकानों पर जवाबी हमले भी शुरू किए जा चुके हैं।
इस पूरे घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में हालात बेहद विस्फोटक और अनिश्चित हो गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह लड़ाई इसी तरह बढ़ती रही तो यह एक खुला क्षेत्रीय युद्ध बन सकता है।

