
चीन के बीजिंग के शोधकर्ताओं ने बताया कि हमारे शरीर में एक प्राकृतिक “अलार्म सिस्टम” होता है, जो दिमाग को संकेत देता है कि कब खुजलाना बंद करना है।
चूहों पर हुआ शोध
वैज्ञानिकों ने इस पर चूहों पर प्रयोग किया। शोध में पता चला कि त्वचा में मौजूद कुछ खास कोशिकाएं खुजली को नियंत्रित करती हैं। जब ज्यादा खुजलाया जाता है, तो ये कोशिकाएं सक्रिय होकर खुजली वाले संकेतों को कम कर देती हैं। इससे राहत मिलती है।
कैसे काम करता है यह सिस्टम?
शोधकर्ताओं ने इन खास कोशिकाओं को “इट्च कंट्रोल ऑफ स्विच” नाम दिया है। जब हम खुजलाते हैं, तो ये कोशिकाएं सक्रिय होकर त्वचा की नसों को संकेत भेजती हैं, जिससे दिमाग को पता चलता है कि खुजली कम हो रही है और खुजलाना बंद करना चाहिए।
इस खोज से उम्मीद है कि भविष्य में खुजली के इलाज के नए तरीके विकसित होंगे। इससे लोगों को बार-बार खुजलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और त्वचा को नुकसान भी कम होगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या इलाज को अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
