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खुशखबरी! शेखावाटी की ऐतिहासिक हवेलियों का होगा संरक्षण, असली मालिकों की भी होगी पहचान

शेखावाटी की सांस्कृतिक विरासत को बचाने की पहल
राजस्थान सरकार ने शेखावाटी की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण की बड़ी योजना शुरू की है। अब इन पुरानी और सुंदर हवेलियों पर हथौड़ा नहीं चलेगा, बल्कि इन्हें सहेज कर रखा जाएगा।

पहले चरण में 648 हवेलियों की होगी देखभाल
शेखावाटी के तीन जिलों – झुंझुनूं, सीकर और चूरू – में कुल 648 हवेलियों की पहचान कर ली गई है, जिनका पहले चरण में संरक्षण किया जाएगा:

  • झुंझुनूं: 267 हवेलियां

  • सीकर: 268 हवेलियां

  • चूरू: 113 हवेलियां

इन हवेलियों की सुंदर छतें, नक्काशीदार झरोखे और आकर्षक चौक अब संरक्षित रहेंगे।

बदलेंगे नियम, मालिकों की होगी पहचान
हवेलियों की देखरेख के लिए सरकार बायलॉज (नियमों) में बदलाव कर रही है, ताकि पुराना वैभव बना रहे।
इसके साथ ही इन हवेलियों के असली मालिकों की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए तीनों जिलों के कलेक्टर हवेलियों की फोटो और जानकारी के साथ एक रिपोर्ट तैयार करेंगे।

अतिक्रमण से भी बचाया जाएगा
इन हवेलियों पर कोई अवैध कब्जा न हो, इसके लिए प्रशासन सख्ती से निगरानी रखेगा।

कुछ प्रसिद्ध हवेलियां

  • सीकर: गौरीलाल बियाणी की हवेली, ताराचंद रूइया की हवेली (रामगढ़), नंदलाल देवड़ा व कन्हैयालाल गोयनका की हवेली (फतेहपुर), केडिया-राठी की हवेली (लक्ष्मणगढ़)

  • चूरू: मालजी का कमरा, रामनिवास गोयनका की हवेली, सुराणा हवेली

  • झुंझुनूं: मंडावा, नवलगढ़, डूंडलोद, अलसीसर, सूरजगढ़ जैसे क्षेत्रों की कई हवेलियां

  • काजड़ा गांव: यहां की हवेलियां आज भी अच्छी हालत में हैं और नियमित रूप से रंग-रोगन होता है

पर्यटकों की पहली पसंद
विदेशी पर्यटक जब शेखावाटी आते हैं तो उनकी सबसे पहली पसंद पुरानी हेरिटेज हवेलियां देखना होती है।
वे नए होटलों की बजाय पुरानी हवेलियों में बने हेरिटेज होटलों में रुकना पसंद करते हैं।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन विभाग के सचिव रवि जैन ने बताया कि हवेलियों के संरक्षण से पर्यटन को बहुत लाभ मिलेगा और शेखावाटी में विदेशी पर्यटक और भी ज्यादा संख्या में आएंगे।

अगर आप चाहें तो मैं इस लेख को PDF या Word फाइल में सेव करके भी दे सकता हूँ।

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