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खुशखबरी: 265 किमी पाइपलाइन से राजस्थान को मिलेगा यमुना का 577 MCM पानी

राजस्थान के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। 32 साल पुराने यमुना जल समझौते को लागू करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। हरियाणा ने हथिनी कुंड से चूरू जिले के हासियावास तक 265 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के एलाइनमेंट पर लिखित सहमति भेज दी है। अब इस परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने का रास्ता साफ हो गया है।


शेखावाटी को मिलेगा फायदा

इस योजना के तहत हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित हथिनी कुंड से चूरू के हासियावास तक तीन समानांतर पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। इससे चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों यानी शेखावाटी क्षेत्र को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) पानी मिलेगा।

हरियाणा की ओर से कुछ स्थानों पर पेयजल योजनाओं के लिए पानी की मांग भी की गई है। लेकिन दोनों राज्यों के बीच सहमति बन गई है।


32 साल पुराना समझौता

12 मई 1994 को राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के बीच यमुना जल समझौता हुआ था। इसके तहत मानसून के दौरान राजस्थान को 1,917 क्यूसेक पानी देने का प्रावधान था।

समझौते के अनुसार पानी का बंटवारा इस प्रकार तय हुआ था:

  • हरियाणा – 40.6%

  • उत्तर प्रदेश – 35.1%

  • राजस्थान – 10.4%

  • दिल्ली – 6.3%

  • हिमाचल प्रदेश – 1.7%

लेकिन यह समझौता तीन दशकों तक पूरी तरह लागू नहीं हो सका।


पहले भी हुए प्रयास

2017, 2019 और 2021 में राजस्थान ने इस योजना को लेकर प्रस्ताव भेजे थे। हरियाणा की ओर से खुली नहर या बैराज बनाकर पानी देने का सुझाव दिया गया था, लेकिन राजस्थान को पूरे पानी की आपूर्ति को लेकर चिंता थी।

फरवरी 2024 में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच नया समझौता हुआ। अब हरियाणा ने पाइपलाइन के एलाइनमेंट पर लिखित सहमति दे दी है, जिससे परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।


इस फैसले से शेखावाटी क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चल रही पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

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