
गंगनहर में जून महीने के लिए 2500 क्यूसेक सिंचाई पानी का शेयर तय किया गया है, लेकिन खखां हैड पर केवल 1219 क्यूसेक पानी ही मिल रहा है। इस वजह से किसानों को खरीफ की फसल की बुवाई में मुश्किल हो रही है।
किसानों ने जताई नाराज़गी
गुरुवार को गुरुद्वारा सिंह सभा में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें किसान नेताओं ने सरकार और विभागों के खिलाफ गुस्सा जताया।
गंगासिंह चौक पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। नेताओं ने कहा कि पहले कॉटन की बुवाई कम हुई और अब मूंग व ग्वार की फसल भी नहीं बोई जा पा रही है।
कलक्टर से की शिकायत
किसानों का एक दल जिला कलक्टर से मिला और मई में हुई समझौता वार्ता के अनुसार पानी देने की मांग की। पहले उन्हें रोका गया, जिससे नाराज होकर किसानों ने नारेबाज़ी की।
बाद में किसानों को अंदर बुलाया गया। किसानों ने आरोप लगाया कि खखां हैड से साधुवाली के बीच नहर में पानी चोरी हो रही है। उन्होंने मांग की कि जल संसाधन विभाग और पुलिस की संयुक्त गश्ती टीम बनाकर कार्रवाई की जाए।
पानी की आपूर्ति में लगातार गिरावट
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पंजाब से गंगनहर में आने वाले पानी में पिछले 3 दिनों में 500 क्यूसेक की कमी आई है।
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बुधवार को आरडी 45 पर पानी की मात्रा केवल 1650 क्यूसेक रही।
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खखां हैड पर पानी घटकर 1219 क्यूसेक रह गया है।
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हरिके हेडवर्क्स से फिरोजपुर फीडर में पानी की सप्लाई घटाकर 4500 क्यूसेक कर दी गई है।
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पंजाब में धान की रोपाई शुरू हो गई है, इसलिए वहां पानी की मांग बढ़ने से राजस्थान को कम पानी मिल रहा है।
अधिकारियों का कहना
धीरज चावला, एसई, जल संसाधन विभाग ने कहा कि गंगनहर में पानी की मात्रा कम है, लेकिन गुरुवार को पंजाब जाकर अधिकारियों से बात की जाएगी ताकि पानी की सप्लाई बढ़ाई जा सके।
👉 निष्कर्ष:
पानी की कमी से श्रीगंगानगर के किसान चिंतित हैं। खरीफ की फसल की बुवाई समय पर नहीं हो पा रही है। किसानों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है
