गाज़ा: अमेरिका समर्थित गाज़ा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) के कार्यकारी निदेशक जेक वुड ने रविवार, 25 मई 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे किसी तंत्र का हिस्सा नहीं बन सकते जो मानवीय मूल्यों — निष्पक्षता, स्वतंत्रता और मानवता — से समझौता करता हो।
वुड, जो पूर्व अमेरिकी मरीन भी हैं, फरवरी में गठित इस संस्था का बीते दो महीनों से नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि संगठन में कार्य करते हुए उन्हें ऐसा लगा कि ये मानवीय सिद्धांत निभाना संभव नहीं था, “और मैं इन सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करूंगा।”
GHF पर संयुक्त राष्ट्र की आलोचना
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने पहले से ही GHF की कार्यशैली और योजनाओं पर गंभीर आपत्ति जताई थी। यूएन अधिकारियों का कहना है कि GHF की वितरण नीति से फिलिस्तीनियों का जबरन विस्थापन और हिंसा और बढ़ेगी।
GHF को इज़राइल की पहल पर निजी कंपनियों के माध्यम से सहायता पहुंचाने का जिम्मा सौंपा गया था, जिससे दशकों से काम कर रहे यूएन और अन्य अंतरराष्ट्रीय एनजीओ की जगह ले ली गई।
GHF का जवाब और भविष्य की योजना
वुड के इस्तीफे पर GHF के बोर्ड ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया, लेकिन कहा कि वे अपने काम से पीछे नहीं हटेंगे। बोर्ड के बयान में कहा गया, “हमारे ट्रक तैयार हैं और सोमवार से हम गाज़ा में सीधे सहायता पहुंचाना शुरू करेंगे। हमारा लक्ष्य सप्ताह के अंत तक 10 लाख से अधिक फिलिस्तीनियों तक राहत पहुंचाना है।”
अमेरिकी समर्थन बरकरार
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने GHF के प्रयासों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हवाले से समर्थन देते हुए कहा, “फिलिस्तीनी समुदाय को तत्काल सहायता की आवश्यकता है और हम इस प्रयास के साथ खड़े हैं।”
हालांकि, इज़राइल, फिलिस्तीनी प्रशासन, संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी अधिकारियों ने इस विषय पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
भुखमरी की चेतावनी और इज़राइली रुख
गाज़ा में मार्च से लागू इज़राइली नाकाबंदी के कारण हाल ही में राहत सामग्री की आपूर्ति धीमी गति से शुरू हुई है। ग्लोबल हंगर मॉनिटर ने चेतावनी दी है कि गाज़ा में लगभग 5 लाख लोग भुखमरी के कगार पर हैं।
इज़राइल का दावा है कि हमास सहायता सामग्री चुरा रहा है, जबकि हमास इस आरोप से इनकार करता है। इज़राइल ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक हमास द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक मानवीय सहायता पूरी तरह से नहीं दी जाएगी।
निष्कर्ष
जेक वुड का इस्तीफा यह दर्शाता है कि गाज़ा में मानवीय सहायता को लेकर हालात कितने जटिल और नैतिक द्वंद्वों से भरे हैं। जब राहत योजनाएं राजनीतिक रणनीतियों का हिस्सा बन जाएं, तब मानवता की आवाज़ उठाने वाले लोगों का पीछे हटना एक गंभीर चेतावनी है। अब यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर निर्भर करता है कि वह गाज़ा में न केवल राहत पहुंचाए, बल्कि यह सुनिश्चित करे कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से पहुंचे।

