तारीख: 16 जून 2025 | स्थान: जिनेवा / गाज़ा
☠️ गाजा में नई त्रासदी, सहायता केंद्रों के पास दर्जनों की मौत
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने गाजा पट्टी में इजरायल की सैन्य कार्रवाई को लेकर तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इजरायल द्वारा अपनाए जा रहे युद्ध के तरीके फिलिस्तीनियों को “भयावह और अमानवीय पीड़ा” दे रहे हैं।
टर्क ने यह टिप्पणी ऐसे समय पर की जब सोमवार सुबह से गाजा में हुई बमबारी में कम से कम 20 फिलिस्तीनियों की मौत की पुष्टि की गई है। इनमें से 15 लोग राफा में सहायता वितरण केंद्र के पास मारे गए, जहां Gaza Humanitarian Foundation (GHF) द्वारा खाद्य सामग्री बांटी जा रही थी। यह संगठन अमेरिका और इजरायल से समर्थन प्राप्त करता है।
गाजा सिटी और उत्तरी गाजा में तीन और लोगों की मौत की खबर है। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, 19 महीने से जारी हमलों में अब तक 55,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें हजारों बच्चे शामिल हैं।
📣 टर्क का आरोप – “भोजन को हथियार बनाया गया”
टर्क ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की 59वीं बैठक में कहा:
“इजरायल ने भोजन को एक हथियार बना दिया है और जीवनरक्षक मदद को रोक रखा है।”
उन्होंने मांग की कि भूख से जूझ रहे नागरिकों पर हमलों की निष्पक्ष और तत्काल जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने इजरायली अधिकारियों के बयानों को “विकृत और अमानवीय” बताया, जो उन्हें “गंभीरतम अपराधों की याद” दिलाते हैं।
🍽️ भूख से तड़पते फिलिस्तीनियों के पास विकल्प नहीं बचे
GHF ने मई के अंत से गाजा में खाद्य सामग्री वितरण शुरू किया था, जब इजरायल ने करीब तीन महीने के पूर्ण प्रतिबंध के बाद कुछ सहायता को अनुमति दी थी। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र और कई मानवीय एजेंसियों ने GHF के साथ काम करने से इनकार कर दिया है, यह आरोप लगाते हुए कि यह संगठन मानवीय हितों से अधिक इजरायली सैन्य रणनीति को प्राथमिकता देता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें भूख से मरने का डर है, लेकिन सहायता लेने जाने पर बमबारी में मरने का खतरा और भी बड़ा हो जाता है।

