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गाजा में भूख बनी सबसे बड़ी त्रासदी, राहत केंद्रों पर मची अफरा-तफरी, IDF ने चलाई गोलियां

gaza starvation

नुसेरात, गाजा पट्टी: गाजा इस समय भयंकर मानवीय संकट से गुजर रहा है। जहां एक ओर युद्ध की आग ने जनजीवन तबाह कर दिया है, वहीं दूसरी ओर अब भूख मौत से भी बड़ी चुनौती बन गई है। राहत सामग्री के वितरण केंद्रों पर लोगों की बेकाबू भीड़ ने हालात को और अधिक भयावह बना दिया है। खाने की एक बोरी पाने के लिए लोग जान की बाज़ी लगा रहे हैं।

बृहस्पतिवार को गाजा में एक राहत केंद्र पर जब भोजन वितरण शुरू हुआ, तो भूखे लोग उस पर ऐसे टूट पड़े जैसे महीनों से कुछ खाया ही न हो। अफरातफरी इतनी बढ़ गई कि भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों में धक्का-मुक्की और झड़पें शुरू हो गईं, जिसके बाद इजरायली रक्षा बल (IDF) ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलियां चलाईं। रिपोर्टों के मुताबिक, इस घटना में कम से कम दो लोगों की जान चली गई, जबकि कई घायल हुए।

राहत के नाम पर बवाल, जीएचएफ केंद्रों पर हंगामा

अमेरिका और इजरायल समर्थित गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) द्वारा संचालित राहत केंद्रों पर हाल के दिनों में भारी भीड़ उमड़ रही है। हालात यह हो गए हैं कि भोजन की तलाश में लोग मीलों पैदल चलकर केंद्रों तक पहुंच रहे हैं — लेकिन लौटते समय उन्हें या तो खाली हाथ लौटना पड़ रहा है या अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

एक स्थानीय नागरिक महमूद इस्माइल, जो बैसाखी के सहारे चलता है, ने कहा, “मैं केवल आटे की एक बोरी लेने आया था, लेकिन फायरिंग और भगदड़ में जान बचाकर भागना पड़ा।”

IDF का दावा – भीड़ तितर-बितर करने के लिए चलाई गई गोलियां

इजरायली सेना ने इस कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल भीड़ को तितर-बितर करना था ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इफेई डेफ्रिन ने कहा, “हम नागरिकों की मानवीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी राहत सामग्री हमास के हाथों में न पहुंचे।”

संयुक्त राष्ट्र की चिंता, मानवीय संकट गहराया

संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठनों ने गाजा में हालात को बेहद चिंताजनक बताया है। UN प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के राहत ट्रकों को सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे सहायता सामग्री समय पर नहीं पहुंच पा रही है।

गाजा संकट की पृष्ठभूमि

यह संकट तब और बढ़ गया जब 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला कर 1,200 से अधिक नागरिकों की हत्या कर दी थी और सैकड़ों को बंधक बना लिया था। इसके जवाब में इजरायल ने व्यापक सैन्य अभियान चलाया, जिसमें अब तक 53,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में आम नागरिक और बच्चे भी शामिल हैं।

इजरायल का नया कदम – नई बस्तियों की घोषणा

गाजा में भुखमरी के बीच इजरायल ने पश्चिमी तट पर 22 नई यहूदी बस्तियों की योजना का भी ऐलान किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि यह शांति प्रक्रिया के लिए एक और बड़ी रुकावट साबित हो सकता है।

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