
जे. रविंदर गोड 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उन्हें यूपी के कई जिलों में काम करने का अनुभव है। वे लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़ जैसे बड़े शहरों में एसएसपी भी रह चुके हैं।
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई
नए पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट कहा है कि अगर किसी थानेदार के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है तो सीधे सस्पेंड किया जाएगा। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को जनसुनवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
अब सभी डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी ऑफिसों का समय सुबह 10 बजे से तय किया गया है और थानों में नाइट अफसरों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों से बेहतर तालमेल और अपराध पर सख्ती
कमिश्नर ने कहा कि पुलिस को जनप्रतिनिधियों के साथ अच्छा समन्वय बनाए रखना चाहिए। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में थाना प्रभारियों से स्थानीय विधायकों और सांसदों के नाम भी पूछे थे ताकि हर पुलिसकर्मी अपनी ज़िम्मेदारी को समझ सके।
उन्होंने यह भी कहा कि:
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भूमाफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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गौ तस्करी को रोकना प्राथमिकता होगी।
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चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं में बीट सिपाही से थाना प्रभारी तक जिम्मेदार माने जाएंगे।
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ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर करने के लिए कार्ययोजना भी बनाई जाएगी।
अनुभव की लंबी सूची
जे. रविंदर गोड को यूपी के पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी जिलों तक कानून व्यवस्था को संभालने का लंबा अनुभव है। गोरखपुर, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है, वहां भी उन्होंने DIG के रूप में सेवाएं दी हैं।
निष्कर्ष: गाजियाबाद के नए पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गोड ने साफ संदेश दे दिया है – भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, जनसेवा प्राथमिकता, और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई। अब देखना होगा कि उनके नेतृत्व में गाजियाबाद में कानून व्यवस्था और बेहतर होती है या नहीं।
