
यह अभियान बुधवार सुबह से शाम तक दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में रेड की गई थी। जांच से पता चला कि गिरफ्तार सभी आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में थे और अधिकांश उनकी गोल्डी बराड़ से सीधी बात होती थी। ये लोग गोल्डी से मिलकर विभिन्न काम करते थे।
एक आरोपी ने पैसों की समस्या के कारण फेसबुक पर राजस्थान शूटर्स के नाम से एक ग्रुप बनाया और अन्य आरोपियों के संपर्क में आया। दूसरे आरोपी ने हरियाणा के सोनीपत से गोल्डी बराड़ के संपर्क में हाथियार सप्लाई की थी।
यह गिरफ्तारी अपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है, और यह प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देता है।
