
बालिका मामले में देरी और गैरहाजिरी बनी वजह
वन स्टॉप सेंटर में एक पीड़ित बालिका से जुड़े मामले में देरी और उपनिदेशक की गैरहाजिरी को लेकर बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह नोटिस जारी किया गया। रिपोर्ट में उपनिदेशक की गैरमौजूदगी को गंभीर लापरवाही और नियमों का उल्लंघन बताया गया।
25 नवंबर को दूरभाष के माध्यम से उपनिदेशक को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, उन्होंने आश्वासन तो दिया, लेकिन वे न तो समय पर पहुंचे और न ही उनका फोन उपलब्ध था। उस दिन उन्होंने कोई अवकाश भी स्वीकृत नहीं कराया था, जिससे यह साफ हुआ कि उन्होंने बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ा।
तीन दिन में जवाब नहीं देने पर कार्रवाई
आयुक्त ने उपनिदेशक को तीन दिनों में संतोषजनक स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने इस घटना को अधिकारियों के लिए कर्तव्य पालन और अनुशासन सुनिश्चित करने का उदाहरण बताया है।
सितंबर 2024 में भी मंडलीय अधिकारियों को बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए थे। आयुक्त ने इस प्रकरण का हवाला देते हुए सभी अधिकारियों को नियमों के पालन की सख्त चेतावनी दी है।
