
राजस्थान में असर:
राजस्थान में शादी-ब्याह और मांगलिक अवसरों पर सोना-चांदी गिफ्ट देने की परंपरा अब धीरे-धीरे बदल रही है। महंगी होती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग अब नकद लिफाफा देना पसंद कर रहा है।
चांदी के गिफ्ट पर असर:
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पहले सबसे ज्यादा मांग तीन भरी की पायजेब की होती थी। 2021-22 में चांदी की कीमत 60-70 हजार रुपए प्रति किलोग्राम थी और तीन भरी पायजेब 2100 रुपए में मिल जाती थी। अब 2026 में वही पायजेब 7500 रुपए तक पहुंच गई है।
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इसलिए अब चांदी के गिफ्ट धीरे-धीरे लोगों की प्राथमिकता से बाहर हो गए हैं।
सोने के गिफ्ट पर असर:
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चार साल पहले 2 ग्राम सोना का छोटा गिफ्ट 11 हजार रुपए में मिलता था, अब वही 30 हजार रुपए तक पहुंच गया है।
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छोटे गिफ्ट जैसे टॉप्स, बालियां और अंगूठी अब कम ही नजर आते हैं और निम्न-मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर हो गए हैं।
व्यापारी का कहना:
बीकानेर के सर्राफा व्यापारी रेवंतराम जाखड़ ने बताया कि गहनों के दाम बढ़ने के कारण शादी और मांगलिक अवसरों में गिफ्ट देना लगभग बंद हो गया है। अब लोग हल्के वजन के आइटम या नकद देना पसंद कर रहे हैं।
परिवर्तन के उदाहरण:
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सोनू की शादी में चार साल पहले चांदी की दस पायजेब गिफ्ट हुई थी, लेकिन हाल ही में बहन की शादी में सिर्फ नकद लिफाफे मिले।
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कोमल की शादी में चार साल पहले 15 पायजेब मिली थीं, अब सिर्फ एक पायजेब।
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रमेश के यज्ञोपवीत संस्कार में पहले चांदी की छड़ी और प्याले गिफ्ट में मिले थे, अब केवल नकद लिफाफे ही नजर आए।
इस गिरावट ने राजस्थान में परंपरागत गिफ्ट रिवाज बदलकर नकदी पर केंद्रित कर दिया है।
