
शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान जब उन्होंने गंगरार पंचायत समिति का अचानक निरीक्षण किया, तो इलाके में फैली गंदगी और खराब सफाई व्यवस्था देखकर वे गुस्से में आ गए।
6 अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश
निरीक्षण में लापरवाही मिलने पर मंत्री ने गंगरार सरपंच रेखा देवी, सोनियाणा सरपंच लक्ष्मी देवी गुर्जर, दो विकास अधिकारियों और उनके प्रभारियों सहित कुल 6 लोगों को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, दोनों पंचायतों की सफाई फर्मों को भी ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।
गलियों और शौचालय की हालत खराब
मंत्री ने ग्राम पंचायत कार्यालय, सार्वजनिक शौचालय और गलियों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि नालियों की सफाई नियमित नहीं होती और कई जगह काम महीनों से रुका पड़ा है। एक स्थानीय निवासी ने शिकायत की कि उसके घर के बाहर एक साल से पत्थर पड़े हैं, जिससे रास्ता भी बंद हो गया है।
चेतावनी भी दी
मंत्री ने विकास अधिकारी दुर्गालाल को सख्त चेतावनी दी कि यदि कामकाज में सुधार नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब गंगरार जैसा मुख्यालय ही सफाई में फेल है, तो बाकी इलाकों की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
सफाई कर्मचारियों के शोषण का मामला भी सामने आया
निरीक्षण के दौरान दो महिला सफाई कर्मियों ने मंत्री से शिकायत की कि उन्हें सिर्फ ₹2000 प्रति माह वेतन मिल रहा है। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि बीएसआर के अनुसार सफाईकर्मियों को ₹297 प्रतिदिन वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ओवर टाइम और छुट्टी में काम का भी भुगतान होना अनिवार्य है। यदि ठेका फर्म ने शोषण किया है, तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।
👉 मंत्री ने साफ कहा कि जनता की सेवा में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
