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चित्तौड़ से जोधपुर तक मादक पदार्थों की तस्करी का खुलासा

हर दिन पहुंचती है खेप, एक चक्कर के मिलते हैं 50 हजार रुपए

चित्तौड़गढ़ जिले से हर दिन जोधपुर मादक पदार्थों की खेप पहुंचाई जा रही है। तस्करों को एक चक्कर के 50 हजार रुपए दिए जाते हैं।

पुलिस जांच में हुआ खुलासा

एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस ने जोधपुर जिले के कापरड़ा गांव के राकेश जाखड़ को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी ब्यावर जेल में बंद था, जहां से उसे प्रोडक्शन वारंट पर पकड़ा गया।

11 अक्टूबर को पकड़ी गई बड़ी खेप

AGTF ने 11 अक्टूबर की रात भीलवाड़ा के गुरलां गांव में नाकाबंदी के दौरान एक जीप से 3 क्विंटल 92 किलो डोडा चूरा (कीमत 60 लाख रुपये) जब्त किया था।
जब पुलिस ने रोका तो राकेश जाखड़ ने फायरिंग कर दी और फरार हो गया। उसके साथी मनोहर राम की भी तलाश की जा रही है।

राकेश हर महीने करता था 15 चक्कर

पुलिस के मुताबिक, राकेश जाखड़ पहले से कई मामलों में वांछित था। वह हर महीने 15 बार चित्तौड़ से जोधपुर तक नशे का सामान पहुंचाता था। अगर कोई पुलिस पकड़े तो वह फायरिंग करने से भी पीछे नहीं हटता था।

मेवाड़ से मारवाड़ तक तस्करी का पुराना नेटवर्क

मेवाड़ और मालवा से वर्षों से मारवाड़ (जोधपुर और आसपास के इलाकों) में नशे की तस्करी होती रही है।
यहां अफीम और डोडा चूरा की मांग ज्यादा रहती है, क्योंकि कई समाजों में पारंपरिक रूप से अफीम का इस्तेमाल किया जाता है।
इसी वजह से इस इलाके में मादक पदार्थों की तस्करी का पुराना नेटवर्क बना हुआ है।

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