
बीजिंग: चीन ने उन देशों को सख्त चेतावनी दी है जो अमेरिका के साथ व्यापार समझौते करने की होड़ में लगे हैं। बीजिंग का कहना है कि जो देश वाशिंगटन को “तुष्ट” कर रहे हैं और अपने हित साधने के लिए चीन के खिलाफ खड़े हो रहे हैं, उन्हें इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ देश अमेरिका से व्यापारिक रियायतें पाने के चक्कर में चीन के हितों को नजरअंदाज कर रहे हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा,
“तुष्टीकरण से स्थायी शांति नहीं मिलती। जो देश दूसरों के हितों की कीमत पर अपने फायदे की कोशिश कर रहे हैं, वे अंततः नुकसान में रहेंगे।”
टैरिफ युद्ध में बढ़ती तल्ख़ी
जहां अमेरिका ने चीन पर कुछ उत्पादों पर 200% तक का टैरिफ लगाया है, वहीं बीजिंग ने भी जवाब में अमेरिकी वस्तुओं पर 125% तक शुल्क ठोका है। इन हालातों के बीच कई देश अमेरिका के साथ नए व्यापार समझौते करने की कोशिशों में लगे हैं।
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दक्षिण कोरिया के मंत्री वाशिंगटन में उच्च स्तरीय वार्ता के लिए पहुंचे हैं।
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जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने कहा कि अमेरिका-जापान व्यापार वार्ता “दुनिया के लिए एक मॉडल” बन सकती है।
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वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत के चार दिवसीय दौरे पर हैं, जहां भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा हो रही है।
बीजिंग की दो टूक
बीजिंग का साफ कहना है कि वह किसी भी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जो उसके हितों को नुकसान पहुंचाए।
“अगर कोई देश चीन के हितों के खिलाफ समझौता करता है, तो हम चुप नहीं बैठेंगे — हम कड़ा जवाब देंगे,” प्रवक्ता ने दोहराया।
