ट्रम्प के दौरे से पहले हाई अलर्ट, सुरक्षा प्रोटोकॉल बना चर्चा का विषय
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के संभावित विदेशी दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प की सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त है कि उनके दौरे से पहले हर छोटी-बड़ी चीज की गहन जांच की जाती है। इसी को लेकर सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में कई दावे और चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि ट्रम्प के दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियां अस्पतालों, मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों और आसपास के संवेदनशील इलाकों तक की जांच करती हैं। वहीं एयरफोर्स-1 विमान को रनवे पर हर समय तैयार स्थिति में रखा जाता है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रवाना हुआ जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपतियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल दुनिया के सबसे कड़े सुरक्षा सिस्टम में गिने जाते हैं। उनके खाने-पीने से लेकर यात्रा मार्ग, होटल, कम्युनिकेशन नेटवर्क और मेडिकल टीम तक हर चीज की अलग से मॉनिटरिंग की जाती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेश दौरों के दौरान अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां कई बार इस्तेमाल की गई वस्तुओं और निजी सामान को भी वापस ले जाती हैं, ताकि किसी तरह की सुरक्षा या बायोलॉजिकल रिस्क न रहे। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर “मल-मूत्र तक वापस ले जाने” जैसी चर्चाएं वायरल हो रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रोटोकॉल केवल ट्रम्प तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है। इसमें सीक्रेट सर्विस, एयरफोर्स और कई एजेंसियां मिलकर काम करती हैं।
ट्रम्प की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दुनियाभर में हमेशा उत्सुकता बनी रहती है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे हाई-प्रोफाइल सुरक्षा सिस्टम में से एक मानी जाती है।

