वॉशिंगटन — ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका द्वारा हाल ही में किए गए हवाई हमलों के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर डोनाल्ड ट्रंप का 2011 का एक पुराना बयान चर्चा में आ गया है। उस समय ट्रंप ने दावा किया था कि तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा चुनाव जीतने के लिए ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ सकते हैं।
आज, करीब 14 साल बाद, अमेरिका को ईरान के साथ युद्ध में ले जाने का फैसला खुद ट्रंप ने किया है।
ट्रंप ने 2011 में लिखा था:
“चुनाव जीतने के लिए, @BarackObama ईरान के साथ युद्ध शुरू करेंगे।”
उसी वर्ष एक वीडियो में ट्रंप ने कहा था कि ओबामा में कूटनीति की क्षमता नहीं है और वे “कमजोर और अक्षम” नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि ओबामा केवल अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए ईरान पर हमला कर सकते हैं।
ट्रंप की भविष्यवाणियाँ अब उन्हीं पर लागू हो रही हैं?
2012 और 2013 में भी ट्रंप ने ऐसे ही कई ट्वीट्स किए, जिनमें उन्होंने यह संकेत दिया था कि ओबामा लोकप्रियता बढ़ाने के लिए ईरान या लीबिया पर सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।
2012 में ट्रंप ने लिखा:
“अब जबकि ओबामा की लोकप्रियता गिर रही है, देखिए कैसे वह ईरान या लीबिया पर हमला करते हैं। वह बुरी तरह हताश हैं।”
सितंबर 2013 में उन्होंने फिर कहा:
“मुझे पूरा विश्वास है कि ओबामा ईरान पर हमला करेंगे, सिर्फ अपनी छवि बचाने के लिए!”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा:
“जो मैंने पहले कहा था, याद रखें — ओबामा कभी न कभी ईरान पर हमला ज़रूर करेंगे ताकि खुद को ताकतवर दिखा सकें।”
अब, जब अमेरिका ने फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान स्थित ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला कर दिया है, ट्रंप के पुराने बयान विपरीत संदर्भ में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।
ट्रंप और वाइट हाउस की बदली-बदली भाषा
ईरान पर हमले के एक दिन बाद, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि यह ऑपरेशन “शासन परिवर्तन” के इरादे से नहीं किया गया था। लेकिन कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने फिर यू-टर्न लेते हुए X पर पोस्ट किया:
“‘Regime Change’ शब्द का उपयोग अब राजनीतिक रूप से ठीक नहीं माना जाता, लेकिन अगर वर्तमान ईरानी शासन ईरान को फिर से महान नहीं बना सकता, तो शासन परिवर्तन क्यों नहीं होना चाहिए? MIGA!!! (Make Iran Great Again!)”
ईरान की चेतावनी: हर हाल में करेंगे आत्मरक्षा
अमेरिकी आक्रामकता पर प्रतिक्रिया देते हुए तेहरान ने स्पष्ट कहा है कि वह “हर कीमत पर अपना बचाव करेगा”। ईरानी नेतृत्व ने अपने बयानों में अमेरिकी कार्रवाई को युद्ध की सीढ़ी पर एक खतरनाक कदम बताया है।

