भारत ने शतरंज की दुनिया में एक और बड़ा इतिहास रच दिया है। FIDE विमेंस वर्ल्ड कप के फाइनल में पहली बार दो भारतीय महिला खिलाड़ी आमने-सामने होंगी। यह फाइनल मुकाबला होगा कोनेरु हम्पी और दिव्या देशमुख के बीच।
कोनेरु हम्पी ने सेमीफाइनल में चीन की स्टार ग्रैंडमास्टर टिंगजी लेई को हराकर फाइनल में जगह बनाई। यह मुकाबला बेहद रोमांचक था, लेकिन हम्पी ने अपने अनुभव और शांत दिमाग से जीत हासिल की।
दूसरी ओर, युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख ने भी शानदार खेल दिखाते हुए सेमीफाइनल में जीत दर्ज की। वह इस टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और अब हम्पी के साथ खिताबी भिड़ंत के लिए तैयार हैं। यह पहली बार है जब FIDE विमेंस वर्ल्ड कप के फाइनल में दो भारतीय खिलाड़ी खेलेंगी। इससे भारत में शतरंज को और नई ऊंचाइयां मिलेंगी। देशभर के फैंस इस ऐतिहासिक फाइनल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

