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चैत्र नवरात्रि: माता के जाने के बाद शुरू होंगे शुभ कार्य, जानें शुभ तिथियां

30 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। माता की आराधना के दौरान मलमास के कारण सभी मांगलिक कार्य रुके रहेंगे, लेकिन 15 अप्रैल से शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य फिर से शुरू होंगे।

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत और घट स्थापना

  • 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी।

  • इस दिन शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की जाएगी और भक्त माता की पूजा-अर्चना करेंगे।

  • नागदा नगर के चामुंडा माता मंदिर में विशेष श्रृंगार किया जाएगा, जहां माता को चांदी के आभूषण पहनाए जाएंगे।

  • नवरात्र के दौरान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी।

प्रतिपदा तिथि और नवरात्रि की अवधि

  • हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 4:27 बजे से शुरू होगी और 30 मार्च दोपहर 12:49 बजे तक रहेगी।

  • इसलिए नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल को रामनवमी के साथ समाप्त होगी।

  • इस बार नवरात्रि 8 दिन की होगी, क्योंकि पंचमी तिथि क्षय हो रही है।

शुभ कार्यों पर रोक और नई तिथियां

  • 15 मार्च से शुरू हुआ मलमास 15 अप्रैल तक चलेगा, इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं होंगे।

  • 15 अप्रैल से विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्य फिर से शुरू होंगे।

  • अप्रैल से जून तक 23 शुभ विवाह मुहूर्त होंगे, जिनमें अकेले अप्रैल में 10 शुभ तिथियां हैं।

  • जुलाई से अक्टूबर तक शादियों पर विराम रहेगा, लेकिन नवंबर और दिसंबर में फिर शुभ समय आएगा।

माता के आगमन का शुभ संकेत

  • इस बार माता दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं, जिसे शुभ संकेत माना जाता है।

  • ज्योतिष के अनुसार, हाथी सुख, समृद्धि और अच्छी बारिश का प्रतीक है।

  • अच्छी वर्षा से फसलों की पैदावार बढ़ेगी और देश में धन-धान्य की वृद्धि होगी।

नगर में नवरात्रि को लेकर खास उत्साह है। मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं, भक्त भजन-कीर्तन और व्रत के साथ माता की आराधना में लीन रहेंगे।

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