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छोटे व्यापारियों को राहत:
राज्य सरकार ने छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 को मंजूरी दी गई। इसके तहत 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रुपये तक की वैट देनदारियां माफ की जाएंगी। इससे करीब 40 हजार व्यापारियों को लाभ मिलेगा और 62 हजार मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी। -
नवा रायपुर में NIFT का नया कैम्पस:
कैबिनेट ने नवा रायपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के नए कैम्पस को मंजूरी दी। इस परियोजना की कुल लागत करीब 271.18 करोड़ रुपये होगी, जिसमें से 21.18 करोड़ रुपये भूमि क्रय, 200 करोड़ रुपये भवन निर्माण और 50 करोड़ रुपये मशीनरी व फर्नीचर के लिए खर्च होंगे। इस संस्थान से छत्तीसगढ़ के युवाओं को फैशन शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। -
बायो-सीएनजी संयंत्र के लिए भूमि आबंटन:
राज्य के नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट और कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए शासकीय भूमि रियायती दरों पर दी जाएगी। -
सहकारी शक्कर कारखानों से शक्कर की खरीद:
राज्य में सहकारिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सहकारी शक्कर कारखानों से शक्कर की खरीद की जाएगी। शक्कर का खरीद मूल्य 37,000 रुपये प्रति टन (एक्स फैक्ट्री, जी.एस.टी. अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। -
BEML को भूमि आबंटन:
भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को छत्तीसगढ़ में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित किया जाएगा।
इन फैसलों से राज्य के युवाओं, व्यापारियों और स्थानीय उद्योगों को लाभ मिलेगा और छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
