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छत्तीसगढ़ राशन अपडेट: बालोद जिले में अब तक 79% लोगों को मिला तीन महीने का चावल, बाकी के लिए मुश्किल

बालोद।
राज्य सरकार की योजना के तहत एक साथ तीन महीने का राशन (चावल) बांटा जा रहा है। बालोद जिले में अब तक लगभग 79% राशनकार्डधारियों को ही तीन महीने का चावल मिल पाया है। 30 जून तक सभी को राशन देना है, लेकिन अब सिर्फ 6 दिन बचे हैं। ऐसे में बाकी बचे 20% कार्डधारियों को समय पर राशन देना मुश्किल लग रहा है।

क्या है स्थिति?

  • जिले में कुल 2,33,077 राशन कार्डधारी हैं।

  • इनमें से 1,84,000 परिवारों को तीन महीने का राशन मिल चुका है।

  • अब भी करीब 49,000 परिवार राशन के इंतजार में हैं।

दुकानों में भीड़, इंतजार की लंबी कतारें

जैसे-जैसे आखिरी तारीख नजदीक आ रही है, राशन दुकानों में भीड़ बढ़ती जा रही है। लोग सुबह से दुकान खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल खाद्य विभाग ने समय बढ़ाने की कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन लोग तारीख बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

अंगूठा लगवाने में भी हो रही दिक्कत

  • अंत्योदय कार्डधारी को ई-पॉस मशीन पर 3 बार अंगूठा लगाना पड़ रहा है।

  • वहीं, बीपीएल कार्डधारी को 6 बार अंगूठा लगवाना पड़ता है क्योंकि उन्हें भी तीन महीने का राशन मिल रहा है।

  • हर बीपीएल उपभोक्ता का चावल 6 बार तौला जा रहा है, जिससे समय ज्यादा लग रहा है।

  • इस वजह से एक दिन में केवल 35–40 कार्डधारियों को ही राशन मिल पा रहा है।

किसे कितना राशन?

  • अंत्योदय कार्डधारी को एक साथ 35 किलो चावल मुफ्त मिल रहा है।

  • बीपीएल कार्डधारी को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अलग-अलग मात्रा में मुफ्त चावल दिया जा रहा है:

    • 1 सदस्य – 5 किलो (केंद्र) + 2 किलो (राज्य)

    • 2 सदस्य – 10 किलो + 5 किलो

    • 3 सदस्य – 15 किलो + 10 किलो

    • 4 सदस्य – 20 किलो + 15 किलो

    • 5 सदस्य – 25 किलो + 10 किलो

  • एपीएल परिवारों को प्रति सदस्य 7 किलो चावल ₹10 प्रति किलो की दर से मिल रहा है।

सिर्फ चावल तीन महीने का, बाकी सामान एक महीने का

शक्कर और दूसरी सामग्री सिर्फ जून महीने का ही दी जा रही है। तीन महीने का सिर्फ चावल ही दिया जा रहा है।

संपर्क नहीं हो सका

इस पूरे मामले में जब जिला खाद्य अधिकारी तुलसीराम ठाकुर से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।


निष्कर्ष:
अगर राशन वितरण की गति ऐसी ही रही, तो बचे हुए सभी कार्डधारियों को 30 जून तक राशन देना मुश्किल हो सकता है। जरूरत है कि या तो डिस्ट्रीब्यूशन में तेजी लाई जाए या फिर समय बढ़ाया जाए, ताकि सभी पात्र परिवारों को राशन समय पर मिल सके।

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