
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचने के लिए एक एडवायजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान तेजी से बढ़ा है और आने वाले दिनों में लू चलने की आशंका है। इसके अलावा इस मौसम में जलजनित बीमारियां भी फैल सकती हैं, इसलिए पहले से सावधानी बरतनी जरूरी है।
लू लगने के लक्षण
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सिर में भारीपन और दर्द
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तेज बुखार और मुंह सूखना
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चक्कर आना और उल्टियां होना
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कमजोरी और पूरे शरीर में दर्द
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पसीना न आना
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अधिक प्यास लगना, लेकिन पेशाब कम होना
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भूख कम लगना
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घबराहट और बेचैनी महसूस होना
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बेहोश हो जाना
लू से कैसे बचें?
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बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न जाएं।
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खाली पेट धूप में बाहर न निकलें।
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बाहर जाते समय सिर और कान को कपड़े से अच्छी तरह ढक लें।
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धूप में चश्मा पहनें।
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जूस, दही, लस्सी और मठा जैसे ठंडे तरल पदार्थों का सेवन करें।
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति लू के लक्षण महसूस करे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और इलाज में देर नहीं करनी चाहिए।
सावधानी ही बचाव है।
