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जनपद पंचायत बैठक में जल संकट और विकास कार्यों पर चर्चा

बीना में गुरुवार को जनपद पंचायत की सामान्य सभा की बैठक जनपद पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष ऊषा राय ने की। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों के साथ-साथ गर्मी के मौसम में पानी की समस्या से निपटने के विषय पर भी चर्चा की गई।

हैंडपंप खराब होने पर शिकायत की जानकारी नहीं

बैठक में जनपद अध्यक्ष ने कहा कि कई पंचायतों में लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि हैंडपंप खराब होने पर शिकायत कहां करें। उन्होंने सुझाव दिया कि जनपद पंचायत में पीएचई विभाग का एक कर्मचारी बैठाया जाए, ताकि लोगों की शिकायतें तुरंत दर्ज हो सकें।
उपयंत्री ने बताया कि ठेकेदार के माध्यम से हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाएगी। अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जहां पाइप कम हैं वहां पर्याप्त पाइप डाले जाएं और खराब हैंडपंप को एक दिन में ठीक किया जाए।

नल-जल योजना और ट्यूबवेल पर चर्चा

बैठक में नल-जल योजनाओं की स्थिति की जानकारी भी ली गई। जनपद सदस्य पीपी नायक ने कहा कि स्वीकृत ट्यूबवेल सही स्थानों पर लगाए जाएं। बाहरी इटावा क्षेत्र में बनी पानी की टंकी को जल्द शुरू करने और पंचायत को सौंपने की भी मांग की गई।
इसके अलावा पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत ठीक तरीके से कराने के निर्देश दिए गए।

जल जीवन मिशन के कार्य जारी

जल निगम के उपयंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत 128 गांवों में काम चल रहा है। योजना के तहत 43 पानी की टंकियां बनाई जानी हैं। कुछ स्थानों पर जमीन नहीं मिलने के कारण संपवेल बनाकर पानी सप्लाई करने की योजना है। अभी काम अधूरा होने के कारण इस गर्मी में इस योजना से पानी मिलने की संभावना कम है।

किसानों को अनुदान पर उड़द का बीज

बैठक में कृषि विभाग ने बताया कि इस वर्ष किसानों को अनुदान पर उड़द का बीज दिया जाएगा। यह बीज किसानों को लगभग 5820 रुपए प्रति क्विंटल की दर से मिलेगा।
एक एकड़ में करीब 8 किलो बीज लगेगा और यह 60 दिन की फसल है। सरकार द्वारा उड़द की खरीद 7800 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 600 रुपए बोनस के साथ की जाएगी।

आंगनबाड़ी भवनों की कमी

महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि कई गांवों में आंगनबाड़ी चलाने के लिए भवन नहीं मिल रहे हैं, क्योंकि किराया कम होने के कारण लोग भवन किराए पर नहीं देते। इस कारण आंगनबाड़ी संचालन में परेशानी हो रही है। अधिकारियों ने अधूरे भवनों की जानकारी मांगी है।

अधूरे निर्माण कार्यों की जांच के निर्देश

बैठक में शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुछ स्कूलों में शौचालय और अतिरिक्त कक्षों के निर्माण अधूरे हैं, जबकि राशि निकाली जा चुकी है। इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जनपद सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और कई विकास कार्यों को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया।

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